क्यों? 

ये सोनाक्षी सिन्हा की नई कविता है. इस कविता के ज़रिये उन्होंने किसान आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है. सोनाक्षी की भावुक कर देने वाली कविता सत्ता पर कई प्रश्न भी खड़े कर रही है. 

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Source: edition

पेश है कविता की चंद लाइनें: 

क्यों, सब पूछते हैं क्यों?
क्यों हम सड़कों पर उतर आए हैं
खेत खलिहान के मंज़र छोड़, क्यों बंजर शहरों में घुस आये हैं
ये माटी, हसिया दराती वाले हाथ, क्यों हमने राजनीति के दलदल में सनवाए हैं
दही मक्खन और गुड़ वाले ने क्यों इरादे मशालों से सुलगाए हैं
अरे बूढ़ी आंखों और नन्हे क़दमों ने क्यों ये दंगे भड़कायें हैं
दंगे ये तुम्हें दंगे दिखाई देते हैं?

पूरी कविता सुनिये: 

सोनाक्षी ने ये कविता जितनी ख़ूबसूरती से लिखी है, उतनी ही ख़ूबसूरती से इसे शूट भी किया गया है. इस बात के लिये हर कोई उनकी तारीफ़ कर रहा है. सोनाक्षी का यूं आगे बढ़ कर किसानों का साथ देना सच में सराहनीय है. इससे पहले सोनाक्षी ने विदेशी हस्तियों के हस्तक्षेप पर भी अपनी राय रखी थी, जिसके लिये भी लोगों ने उनकी ख़ूब सराहना की थी.  

चलो बॉलीवुड में कोई तो है, जो किसानों का दर्द समझ रहा है और उनके लिये डटकर खड़ा है. More Power To You Girl!