बॉलीवुड के दबंग विलेन सोनू सूद कोरोना काल में ग़रीबों के लिए मसीहा बनकर सामने आये हैं. संकट के समय में हज़ारों प्रवासी मज़दूरों को बस, ट्रेन और फ़्लाइट से घर पहुंचाने के बाद सोनू की दरियादिली एक बार फिर से देखने को मिली है.

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बताया जा रहा है कि अभिनेता सोनू सूद इस बार मॉस्को में फंसे तमिलनाडु और दिल्ली के 101 मेडिकल छात्रों को भारत वापस आ लेकर आए हैं. ये सभी छात्र बुधवार को चेन्नई पहुंच चुके हैं.

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बताया जा रहा है कि मेडिकल के ये सभी छात्र 'कोविड-19' के चलते मॉस्को में फंस गए थे. इनके परिजनों की गुहार के बाद सोनू ने इन्हें मदद का आश्वासन दिया था. इसके बाद सोनू ने इन छात्रों को एयरलिफ़्ट के ज़रिए मॉस्को से वापस लाने में मदद की है.

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इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान चेन्नई के एक होटल में क़्वारंटीन किए गए इन छात्रों का कहना है कि, वो पिछले 4 महीनों से भारत लौटने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन काफ़ी कोशिशों के बावजूद कोई फ़्लाइट नहीं मिल पाई. इसके बाद सोनू सूद की मदद से एक चार्टर्ड फ़्लाइट उपलब्ध हो पाई, जिसके लिए हमने 33,000 रुपये का भुगतान किया था.

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हम जिस प्राइवेट विमान से वापस आये उसमें 200 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी, लेकिन हम केवल 101 छात्र ही उसमें बैठे थे. हमें यकीन नहीं था कि निजी एयरलाइंस कम यात्री होने के बावजूद चार्टर्ड फ़्लाइट का संचालन करेगी, लेकिन सोनू सूद ने शेष पैसे चुकाकर हमें वापस भारत लाने में मदद की.  
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प्रियदर्शनी नाम की छात्रा ने कहा, मॉस्को में मेडिकल क़रीब 200 छात्र थे जो भारत वापस लौटना चाहते थे. इस दौरान हम Whatsapp ग्रुप के माध्यम से जुड़े थे. इस दौरान हम प्राइवेट ऑपरेटरों की चार्टर्ड फ़्लाइट बुक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सभी के पास चेन्नई से रूस के लिए कोई सीधी उड़ान नहीं थी. इस बीच कुछ छात्रों ने भारत के अन्य राज्यों के लिए फ़्लाइट ले लीं और हम सिर्फ़ 101 छात्र ही मॉस्को में रह गए थे.

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हालांकि, हमारे पास 3 जुलाई को मॉस्को से 'वंदे भारत' की फ़्लाइट से भारत आने का मौक़ा था, लेकिन हमारा कोर्स 6 जुलाई को ख़त्म हो रहा था. इसलिए हम वो फ़्लाइट नहीं ले सके. इसके अलावा 1 अगस्त को हमारा वीजा भी ख़त्म हो रहा था. ये भी एक बड़ी चुनौती थी.