लॉकडाउन में ग़रीबों की मदद करके पूरब से लेकर पश्चिम, उत्तर से लेकर दक्षिण तक अगर किसी इंसान ने सही मायने में इज़्ज़त कमाई है तो वो हैं बॉलीवुड एक्टर 'सोनू सूद'. लॉकडाउन के दौरान सोनू प्रवासी मज़दूरों के लिए मसीहा बनकर सामने आये. 

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देश में 'Messiah of Migrants' के नाम से मशहूर हो चुके सोनू सूद की अच्छाई से प्रभावित होकर साउथ के मेगास्टार चिरंजीवी ने सोनू को ऑन स्क्रीन मारने से इंकार कर दिया है. बता दें कि सोनू तेलुगु फ़िल्म 'आचार्य' में चिरंजीवी के अगेंस्ट नेगिटिव रोल करने जा रहे हैं. 

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बरखा दत्त के शो 'वी द वूमेन' के दौरान सोनू सूद ने ख़ुलासा किया कि, तेलुगु फ़िल्म 'आचार्य' की शूटिंग के दौरान चिरंजीवी ने एक एक्शन सीन के दौरान मुझे मारने से इंकार कर दिया था. क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि इससे मेरी 'रियल हीरो' वाली छवि ख़राब हो. एक अन्य सीन में उन्हें मेरी छाती पर पैर रखा था, लेकिन इसे भी बाद में री-शूट करना पड़ा. 

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इस दौरान 47 वर्षीय अभिनेता ने ये ख़ुलासा भी किया कि एक अन्य तेलुगु फ़िल्म के निर्माताओं ने उनकी नई छवि को देखते हुए स्क्रिप्ट में बदलाव किया है. इसका मतलब अब मुझे अपने हिस्से की शूटिंग फिर से करनी होगी. सच कहूं तो 2020 ने मेरी पर्सनल और प्रोफ़ेशनल लाइफ़ को बदलकर रख दिया है. 

'दबंग', 'शूट आउट एट वडाला', 'आर...राजकुमार' और 'सिम्बा' समेत कई अन्य बॉलीवुड फ़िल्मों में कड़क विलन की भूमिका निभाने वाले सोनू सूद को लोग अब हीरो के रूप में देखना चाहते हैं. पिछले 8 महीनों में परदे का ये विलेन रियल लाइफ़ का हीरो बन चुका है. 

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बता दें कि सोनू सूद ने साल 1999 में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत तमिल फ़िल्म 'Kallazhagar' से की थी. वो अब तक 36 तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फ़िल्मों में विलेन समेत कई अन्य किरदार निभा चुके हैं. जबकि साल 2001 में आई 'शहीद-ए-आज़म' सोनू की पहली बॉलीवुड फ़िल्म थी.

सोनू सूद की अपकमिंग फ़िल्मों की बात करें तो वो जल्द ही 'पृथ्वीराज' और 'पुलिस टाइगर' जैसे बॉलीवुड फ़िल्मों में दिखाई देंगे. इसके अलावा सोनू तेलुगु फ़िल्म 'अल्लुडु अधूर्स' और 'आचार्य' में भी नज़र आएंगे.