यशराज मुख़ाते इन दिनों सोशल मीडिया पर एक जाना माना नाम है. जितना उनका नाम है उससे कहीं ज़्यादा उनका काम बोल रहा है. पिछले साल 'रसोड़े में कौन था?' का वीडियो लोगों की ज़ुबान से अभी तक नहीं उतरा है कि हम Pawri तक पहले ही पहुंच चुके हैं.

आपने, मैंने, सबने यशराज की वीडिओज़ का ख़ूब लुफ़्त उठाया है. उसे अनगिनत बार फ़ॉरवर्ड किया है और रिपीट पर सुना भी है.

मगर यशराज का ये म्यूज़िकल सफ़र आख़िर शुरू कैसे हुआ? 

HumansOfBombay को दिए अपने एक इंटरव्यू में यशराज बताते हैं कि जब वो मात्र 3 साल के थे तब उनके बाबा(पिता) उनके लिए कीबोर्ड लेकर आए थे. और बस संगीत से यशराज को पहली मुलाक़ात वाला प्यार हो गया. वो हर मौक़े पर उसे बड़े ही शौक़ से बजाते थे. वो समझ गए थे की संगीत ही उनका असल प्रेम है और वो जीवन में यही करना चाहते हैं.  

माता-पिता का यशराज को पूरा सपोर्ट था. मगर वो चाहते थे कि वो पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें. उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाख़िला लिया. दिन में पढ़ाई और शाम को अपने संगीत की प्रैक्टिस. संगीत की पूरी ABCD यशराज ने यूट्यूब से सीखी. अब पढ़ाई भी पूरी हो गई थी तो उन्होंने अपना पूरा ध्यान गाने बनाने में लगाना शुरू कर दिया.

गाना बनाने के लिए मेरे पास उचित उपकरण तो नहीं थे तो मैं डब्बे और चॉकलेट के रैपर्स की मदद से गाने बनाता था. मैं गानों के कवर बनाता और उन्हें ऑनलाइन डाल देता था. 

धीरे-धीरे यशराज को जिंगल बनाने के लिए छोटा-मोटा काम आने लगा. अपने पहले वायरल 'रसोड़े में कौन था?' वीडियो के बारे में बात करते हुए वो कहते हैं,

मैंने कोकिला बेन वाला वीडियो देखा, एक दिन लगकर उसके गाने पर काम किया और अगले दिन ऑनलाइन पोस्ट कर दिया. मुझे एक म्यूज़िक पर काम करना था इसलिए मैंने उसके बाद फ़ोन बंद कर दिया था. जब शाम को फ़ोन ऑन किया तो वो लगातार बजने लगा. स्मृति मैम ने मेरा वीडियो शेयर किया था, अनुराग कश्यप सर ने मुझे DM करके कहा, 'अच्छा काम'. बहुत सारी प्रतिक्रियाएं थी. आई (मां) तुरंत मेरे लिए काला धागा लेकर आई और कलाई पर बांध दिया.

Lil Champs से लेकर मशहूर सिंगर, विशाल भारद्वाज संग काम करने तक यशराज का काम हर जगह बोलने लगा.  

बीते दिनों की बात करते हुए यशराज कहते हैं, 

एक साल पहले मैं स्वाइप अप फ़ीचर पाने के लिए बस 10K फ़ॉलोअर्स के लिए संघर्ष कर रहा था और कुछ दिन पहले ही मेरे 2 मिलियन फ़ॉलोअर्स हो गए!

यशराज की कहानी सबूत है कि अगर टैलेंट हो तो इंसान ज़रूर आगे बढ़ता है बाक़ी जीवन की Pawri तो चलती ही रहती है.