एक्ट्रेस, तापसी पन्नू उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जो किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखने से डरती नहीं हैं. तापसी हमेशा ही फ़िल्मी इंडस्ट्री के ग़लत चाल-चलन पर अपनी बातें बेबाक़ी से रखती हैं फिर चाहे नेपोटिज़्म हो या इंडस्ट्री में महिलाओं और पुरुषों के बीच अंतर. 

इन दिनों तापसी अपनी अगली फ़िल्म 'रश्मि रॉकेट' के लिए ख़ूब पसीना बहा रही हैं. ये एक स्पोर्ट्स ड्रामा फ़िल्म हैं जिसमें वो रेसर (धावक) का किरदार निभा रही हैं. तापसी अपनी कड़ी ट्रेनिंग की फ़ोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं.

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान तापसी ने एक बार फिर इस बात की तरफ लोगों का ध्यान खींचा कि किस तरह इंडस्ट्री में महिला केंद्रित फ़िल्मों का बजट कम होता है.

आपके पास महिला-केंद्रित फ़िल्मों के लिए उतना बजट नहीं होता है जितना आपके पास पुरुष-केंद्रित फ़िल्मों के लिए होता है. इसलिए आप VFX पर निर्भर नहीं रह सकते, आपको अपने शरीर पर काम करना होगा. इसके अलावा, एक महिला एक फ़िल्म में पूरे साल निवेश नहीं कर सकती है क्योंकि उसे अपने पुरुष एक्टर के जितनी फ़ीस नहीं मिलती है.

                    - तापसी

तापसी आगे कहती हैं, 

महिला केंद्रित फ़िल्म का बजट इतना होता है जितना एक मेल एक्टर की एक फ़िल्म की फ़ीस होती है. और यदि मैं एक फ़िल्म की तैयारी और शूट में अपना एक साल दे देती हूं तो मैं 5 फ़िल्में खो दूंगी. जो कि बिलकुल प्रैक्टिकल नहीं है.

अभी की बात करें तो तापसी के पास 'हसीन दिलरुबा', 'शाबाश मिठू 'और 'लूप लापेटा ' जैसी फ़िल्में हैं. 2021 में फ़िल्म 'रश्मि रॉकेट' रिलीज़ होने की बात है.