बॉलीवुड के कुछ एक्टर्स ऐसे हैं जो भले ही फ़िल्मी पर्दे पर अब ज़्यादा नहीं आते हैं मगर उन्होंने लोगों के दिलों में अपनी एक परमानेंट जगह बना ली है. उन्हीं में से एक हैं 'जैकी श्रॉफ़'.

'जैकी श्रॉफ़' बॉलीवुड में अपने ख़ास अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं फिर चाहें उनकी एक्टिंग हो या उनका फ़ैशन सेंस. उन्हें इंडस्ट्री में काम करते हुए 38 साल से ज़्यादा हो गए हैं. उन्होंने 1982 में आई फ़िल्म ‘स्वामी दादा’ के साथ सिनेमा में क़दम रखा था. इस फ़िल्म में लीड रोल देव आनंद का था. और जैकी श्रॉफ़ फ़िल्म में विलेन के रोल में थे. मगर जैकी श्रॉफ़ को सुभाष घई की फिल्म ‘हीरो’ ने सुपरस्टार बनाया था. इसके बाद क्या ही था देखते-देखते उनका जादू हर तरफ़ छा गया.

अगर आप जैकी श्रॉफ़ के फ़ैन हैं तो आपको पता ही होगा की उनको लोग प्यार से 'जग्गू दादा' बुलाते हैं. तो आज ये भी जान लीजिए की उनके इस नाम के पीछे की कहानी क्या है?

एक इंटरव्यू के दौरान, जैकी श्रॉफ़ ने बताया कि,

"मेरा बड़ा भाई हमारी चॉल का असल जग्गू दादा था. वह हमारे झुग्गी के लोगों की देखभाल करता था, जरूरत पड़ने पर उनकी मदद करता था. लेकिन बहुत कम उम्र में, बदक़िस्मती से मेरा भाई किसी को बचाने के लिए समुद्र में कूद गया. और मेरा भाई तैरना नहीं जानता था, इसलिए वह डूबने लगा. मैंने उसकी तरफ़ एक केबल फेंका, उसने पकड़ा और कुछ सेकंड के लिए तैरने लगा लेकिन केबल उसके हाथ से फिसल गया. मैं छोटा और डरा हुआ था और मैं वहां खड़ा उसे डूबते हुए देख रहा था. उसके जाने के बाद, मैंने तय किया की मैं अपनी झुग्गी के लोगों की देखभाल करुंगा ठीक वैसे ही जैसे उसने की थी और मैं जग्गू दादा बन गया."

जग्गू दादा आज भी अपनी चॉल वालों के सम्पर्क में हैं. इसमें कोई शक़ नहीं वो एक अच्छे अभिनेता और इंसान दोनों हैं.