बॉलीवुड में अब तक आपने कई जॉनर की फ़िल्में देखी होंगी. इस दौरान क्राइम पर बेस्ड फ़िल्मों में अपराधी को सजा दिलाने के लिए कोर्ट पेश किया जाता है. इस दौरान दर्शकों को कोर्टरूम में दोनों पक्ष के वकीलों के बीच होनी वाली ज़बरदस्त डायलॉगबाज़ी का ही इंतज़ार रहता है. यही फ़िल्म का सबसे मज़बूत पक्ष भी माना जाता है.  

Source: thecommonmanspeaks

आज हम आपको बॉलीवुड की ऐसी ही 10 फ़िल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आज भी अपने ज़बरदस्त कोर्टरूम ड्रामा के लिए जानी जाती हैं-  

1- पिंक 

अमिताभ बच्चन-तापसी पन्नू स्टारर इस फ़िल्म में अब तक का बेस्ट कोर्टरूम ड्रामा देखने को मिला था. छेड़छाड़ की विक्टिम 4 लड़कियों का केस जब हर कोई लेने से इंकार कर देता है तो एक बुज़ुर्ग वक़ील दीपक सहगल (अमिताभ बच्चन) उनका केस हैंडल करने के लिए आगे आते हैं.  

2- मुल्क

अनुभव सिन्हा निर्देशित इस फ़िल्म में जब एक वक़ील का बेटा आतंकवादी बन जाता है तो परिवार पर क्या बीतती है, वही सब दिखाया गया है. इसके बाद किस तरह से घर की बहू (तापसी पन्नू) अपने परिवार को बचाने के लिए वकील बनकर परिवार को सभी आरोपों से मुक्त कराती है. 

3- जॉली 

LLB सुभाष कपूर निर्देशित इस फ़िल्म में आपको एडवोकेट जॉली (अरशद वारसी) और एडवोकेट राजपाल (वोमन ईरानी) के बीच कोर्टरूम में हंसी ठिठकोली के साथ ज़बरदस्त डायलॉगबाज़ी भी देखने को मिली होगी.   

4- रुस्तम 

भारतीय सेना के नेवल कमांडर के एम नानावटी की ज़िंदगी पर बनी इस फ़िल्म में भी अपको कोर्टरूम की ज़बरदस्त बहस देखने को मिली होगी. इस दौरान रुस्तम पावरी (अक्षय कुमार) कोर्टरूम में वक़ील लक्षमण खंगानी (सचिन खेड़ेकर) के सवालों से ख़ुद को किस तरह से बचाते हैं इस फ़िल्म में वही दिखाया गया है. 

5- सेक्शन 375

रेप विक्टिम के आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने के चक्कर में एक महिला वक़ील किस तरह से धोखा खा जाती है. कोर्टरूम में किस तरह से महिला वक़ील (ऋचा चड्ढा) अपने बॉस और सीनियर वकील (अक्षय खन्ना को टक्कर देती है इस फ़िल्म में वही सब दिखाया गया है. 

6- यॉर ऑनर 

'जब जज ख़ुद क्राइम करेगा तो उसे कौन जज करेगा'. इसी तरह के ज़बरदस्त डायलॉग के साथ जिमी शेरगिल स्टारर इस वेब सीरीज़ में भी ज़बरदस्त कोर्टरूम ड्रामा देखने को मिला था. जज जब ख़ुद सवालों के घेरे में आता है तो वो इससे कैसे निपटता है इस वेब सीरीज़ में यही दिखाया गया है. 

7- शौर्या 

के. के. मेनन- राहुल बॉस स्टारर ये फ़िल्म इंडियन आर्मी पर बनी अब तक की सबसे बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है. हिंदी फ़िल्मों में आपने कोर्ट मार्शल शब्द कई बार सुना होगा, लेकिन इस फ़िल्म में आपको पहली आर्मी कोर्ट की ज़बरदस्त बहस सुनने को मिली होगी.  

8- शाहिद 

हंसल मेहता निर्देशित 'शाहिद' ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट शाहिद आज़मी की बायोपिक थी. इस फ़िल्म में राजकुमार राव ने शाहिद आज़मी का किरदार निभाया था. इस फ़िल्म में शानदार एक्टिंग के लिए राजकुमार राव को बेस्ट एक्टर, जबकि हंसल मेहता को बेस्ट डायरेक्टर का 'नेशनल अवॉर्ड' मिला था.  

9- जॉली LLB 2

इस फ़िल्म में आपने एक अनुभवहीन वकील का अपने सीनियर वकील से केस को लेकर कोर्टरूम में ज़ोरदार बहस करते देखा होगा. अनुभवहीन वक़ील जॉली (अक्षय कुमार) अंत में किस तरह से अतिउत्तेजित सीनियर वकील एस. के. माथुर (अन्नू कप्पूर) को अपने तर्क से मात देते हैं इस फ़िल्म में यही दिखाया गया है.  

10- ओ माय गॉड

भगवान है या नहीं! भगवान के प्रति लोगों की आस्था के ताने-बाने को लेकर बनी अक्षय कुमार-परेश रावल की जोड़ी वाली 'ओ माय गॉड' फ़िल्म में भी आपको कोर्टरूम की ज़बरदस्त डायलॉग बाज़ी देखने को मिली होगी.  

आपको इन सभी फ़िल्मों में से कौन सी फ़िल्म सबसे अच्छी लगी थी?