बॉलिवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद नेपोटिज़्म को लेकर एक बार फिर बहस तेज़ हो गई. बॉलिवुड में फैले परिवारवाद को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाने लगे. स्टार किड्स की आलोचना हुई और उनकी फ़िल्मों के बहिष्कार की बात चलने लगी.

Source: dnaindia

इन सबके बीच ‘नवाब’ सैफ़ अली ख़ान का एक बयान आया है, जिसमें उन्होंने ख़ुद को परिवारवाद का शिक़ार बता दिया. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि भारत में असमानता है, जिसे तलाशने की जरूरत है. नेपोटिज़्म, पक्षपात और कैंप कई तरह के विषय यहां मौजूद हैं. यहां तक कि वो भी नेपोटिज़्म का शिक़ार हो चुके हैं, लेकिन कोई भी इस बारे में नहीं बोलता. उन्हें ख़ुशी है कि फ़िल्म संस्थानों के और लोग भी सामने आए हैं.

इस बयान के सामने आते ही लोगों के कलेजे में आग लग गई. लोग सैफ़ के साथ हुई इस नाइंसाफ़ी के लिए अपनी छाती पीटे डाल रहे. काहे के लिए हर शख़्स जानता है कि सैफ़ मियां को एक्टिंग करने में भारी स्ट्रगल करना पड़ता है. ऊपर से ज़्यादातर स्टार किड्स बिना एक्टिंग के जिम और पार्टीज़ की फ़ोटो डालकर फ़ेमस हो रहे हैं. वहीं, हमारे नवाब साहब को थोड़ी-बहुत एक्टिंग करनी पड़ जाती है तो ये भेदभाव ही माना जाएगा.

ज़ाहिर की बात है कि कुल मिलाकर ये बयान लोगों को हज़म नहीं हुआ. अब मधुमक़्खी के छत्ते में उंगली की है तो सूजेगी ही. सोशल मीडिया पर मीमबाज़ों ने भिनभिनाना शुरू कर दिया.

अबे हम तो कहते हैं सैफ़ बाबू कहां पड़े हो ये एक्टिंग-फ़ैक्टिंग के चक्कर में. अमा नवाबों को शिक़ार होना शोभा थोड़ी ही देता है. बाकी आपके इस भंयकर दुख में ‘हम साथ-साथ हैं’…