इन दिनों सेलिब्रिटी शेफ़ विकास खन्ना अपनी फ़िल्म ‘द लास्ट कलर’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. बतौर डायरेक्टर ये उनकी पहली फ़िल्म है, जिसे लेकर वो बेहद उत्साहित हैं. ‘द लास्ट कलर’ की सबसे अच्छी ख़ासियत इसकी कहानी और स्टारकास्ट है. आपको जानकर हैरानी होगी कि फ़िल्म में किन्नर के रोल के लिये विकास खन्ना ने किसी बॉलीवुड हीरो नहीं, बल्कि असली किन्नर को चुना.

lrmonline

इस बारे में सेलिब्रिटी शेफ़ ने इंटरव्यू में अपनी भावनाएं भी व्यक्त की हैं. विकास खन्ना कहते हैं कि वो हमेशा से ही ट्रांसजेंडर के रोल के लिये साड़ी पहने हुए किसी पुरुष को नहीं लाना चाहते थे. उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो ज़ाहिर तौर पर ये किन्नर समाज का अपमान होगा. इसलिये फ़िल्म बनाते समय ये तय था कि वो ट्रांसजेंडर के किरदार के लिये किसी ऐसे इंसान को लेंगे, जो उसके साथ न्याय कर पाये.

विकास खन्ना कहते हैं कि ऑडिशन के समय जब ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट रुद्राणी से मिले, तो उनसे काफ़ी इम्प्रेस हुए. वो कहते हैं कि रुद्राणी एक एक्टिविस्ट हैं, जो भारत की पहली ट्रांसजेंडर मॉडलिंग एजेंसी भी चलाती हैं. रुद्राणी ने फ़िल्म में ‘छोटी’ की दोस्त का रोल अदा किया है, जो कि लोगों को काफ़ी पसंद आ रहा है. रुद्राणी के बारे में आगे बात करते हुए उन्होंने बताया कि वो हिम्मती और ज़रूरमंदों की मदद करने वाली इंसान है. वो इंसान जिसने लोगों का अन्याय सह कर आगे बढ़ने की हिम्मत दिखाई.  

फ़िल्म में किन्नर को लेने का ख़्याल कैसे आया?
विकास खन्ना कहते हैं कि फ़िल्म के सिलसिले में वो बनारस नदी किनारे कुछ शोध करने गये थे. इस दौरान उनकी मुलाक़ात अशोक जी नामक किन्नर से हुई. अशोक जी वो इंसान हैं, जो अपनी जान जोख़िम में डाल सड़क पर बसेरा छोड़ दिए गए बच्चों की जान बचाते हैं. कुल मिलाकर उन्हें ज़रूरतमंदों का मसीहा कहना ग़लत नहीं होगा. अशोक जी से मिलकर विकास खन्ना को महसूस हुआ कि फ़िल्म में किन्नर के रोल के लिये अगर किसी और को लिया, तो ये किन्नर समाज के साथ ठीक नहीं होगा. वो समुदाय को स्क्रीन पर वैसे ही दिखाना चाहते थे, जैसे कि वो लोग हैं. बस इसी वजह से उन्होंने रुद्राणी को फ़िल्म में काम करने का मौक़ा दिया.

ये तो हुई फ़िल्म की स्टार कास्ट की बात. कुछ समय पहले विकास खन्ना ने बॉलीवुड़ में फैले नेप्टोज़िम पर अपना दर्द बयां किया था. विकास खन्ना ने एक ट्वीट करते हुए कहा था, जब कंगना रनौत नेप्टोज़िम पर बात करती थीं तो मेरा दिल दुखता था, लेकिन अब मैंने इसका अनुभव किया है. विकास खन्ना का कहना है कि कुछ लोग उनसे पैसे की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर उन्हें पैसे नहीं मिले, तो उनका करियर ख़त्म कर दिया जायेगा.

यही नहीं, विकास खन्ना का कहना है कि इसी वजह से उनकी फ़िल्म को ख़राब रिव्यू मिल रहे हैं. अगर ये सच है तो सच में बेहद निराशाजनक है. हम जनता से यही उम्मीद करते हैं कि आप फ़िल्म देखने से पहले उसे लेकर कोई छवि न बनायें. पहले फ़िल्म देखें, फिर रिव्यू दें. इसके साथ ही विकास खन्ना के काम की तारीफ़ भी बनती हैं.