1971 में रिलीज़ हुई ऋषिकेश मुखर्जी की मूवी आनंद की गिनती बॉलीवुड की क्लासिक फ़िल्मों में की जाती है. इस मूवी में राजेश खन्ना ने दिल जीत लेने वाली एक्टिंग की थी. इसकी कहानी, किरदार और इमोशन इतने गहरे थे कि आज भी इसके एंडिंग सीन को देख कर लोगों का दिल भर आता है.

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ख़ैर, आज इस फ़िल्म की कहानी नहीं कास्ट की बात करेंगे. आनंद में बेजोड़ एक्टिंग करने वाले राजेश खन्ना ऋषिकेश मुखर्जी की पहली पसंद नहीं थे. इस रोल के लिए उन्होंने पहले धर्मेंद्र जी को अप्रोच किया था, मगर किन्हीं कारणों से ऐसा हो न सका. इस बात से धर्मेंद्र उनसे इतने ख़फा हुए कि उन्होंने ऋषिकेश को हाथ जोड़ने पर मजबूर कर दिया था.

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इस दिलचस्प क़िस्से का ज़िक्र ख़ुद धर्मेंद्र ने द कपिल शर्मा शो में किया था. यहां वो अपने पोते करण देओल की फ़िल्म 'पल-पल दिल' के पास का प्रोमोशन करने पहुंचे थे. इस वाकये को याद करते हुए धर्मेंद्र ने बताया कि वो ऋषिकेश मुखर्जी की इस फ़िल्म में काम करने के लिए काफ़ी एक्साइटेड थे. मगर जब उन्हें पता चला कि ये फ़िल्म राजेश खन्ना को मिल गई है, तो वो उनसे बहुत नाराज़ हुए.

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चूंकि धर्मेंद्र पंजाबी है और कभी-कभी ड्रिंक भी कर लेते हैं, ऐसे में उन्होंने एक दिन नशे में रात को ऋषिकेश मुखर्जी को फ़ोन घूमा दिया. नशे की हालत में वो बार-बार फ़ोन कर उनसे कहते हैं कि-'आपने ये ठीक नहीं किया, आपने वादा किया था कि ये फ़िल्म मैं करूंगा और बाद में राजेश को ले लिया.'

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ऋषिकेश जी फ़ोन रख देते तो वो कुछ देर बाद फिर से नंबर घुमा देते. धर्मेंद्र के बार-बार कॉल करने से ऋषिकेश मुखर्जी इतने परेशान हुए कि उन्होंने धर्मेंद्र से कहा कि वो उन्हें माफ़ कर दें और हाथ तक जोड़ लिए.

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ख़ैर वो कहते हैं न कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है. दुनिया और राजेश खन्ना की क़िस्मत में शायद यही लिखा था कि ये किरदार वो ही निभाएंगे.शायद धर्मेंद्र जी की क़िस्मत में ये रोल लिखा ही नहीं था.


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