सतीश शाह(Satish Shah) फ़ेमस बॉलीवुड एक्टर हैं जिनकी कॉमिक टाइमिंग के लोग कायल हैं. इन्होंने बड़े पर्दे के साथ ही छोटे पर्दे पर भी अपना जलवा दिखाया है. ‘जाने भी दो यारों’, ‘ये जो है ज़िंदगी’, ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’, ‘मैं हूं ना’, ‘कल हो ना हो’, ‘फना’, ‘ओम शांति ओम’, ‘ऑल द बेस्ट’ जैसे फ़िल्मों और टीवी सीरियल्स में इनकी अदाकारी का नमूना लोगों ने देखा था. ‘ये जो है ज़िंदगी है’ सीरियल में सतीश शाह ने एक साल के भीतर ही लगभग 60 से अधिक किरदार निभाए थे.

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सतीश शाह भले ही छोटे रोल करते हों पर उनका हर किरदार बोलता था. फ़िल्म ‘जाने भी दो यारों'(Jaane Bhi Do Yaaro) में उन्होंने लाश का रोल प्ले किया, उसे देख ऐसा लगता था कि सच में वो एक लाश हैं. इस फ़िल्म से जुड़ा एक दिलचस्प क़िस्सा उन्होंने एक इंटरव्यू में शेयर किया है. उन्होंने बताया कि कैसे ये फ़िल्म बनी और कैसे सतीश शाह को उनकी पेमेंट मिली थी. 

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‘जाने भी दो यारों’ हिंदी सिनेमा की एक आईकॉनिक फ़िल्म है. इसे कुंदन शाह ने डायरेक्ट किया था और इसमें नसीरूद्दीन शाह, सतीश शाह, रवि, ओम पुरी, नीना गुप्ता और भक्ति बर्वे जैसे स्टार्स थे. सतीश शाह ने इस फ़िल्म के बारे में बात करते हुए कहा कि ये फ़िल्म के बनने में भगवान का भी बहुत बड़ा हाथ था. ये फ़िल्म जैसे बनी इस पर कोई क़िताब भी लिख सकता है. उस वक़्त फ़िल्म ज़्यादा बजट की नहीं होती थीं और इस फ़िल्म का बजट 8 लाख रुपये था. 

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फ़िल्म का बजट ही लगभग 8 लाख रुपये था तो आप समझ सकते हैं कि मुझे कितनी फ़ीस मिली होगी. मुझे 50 और 100 रुपये के चेक मिला करते थे मतलब मुझे मेरी फ़ीस इंस्टॉलमेंट में मिली थी.

-सतीश शाह

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इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि जब वो फ़िल्म इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर रहे थे तब प्रोड्यूसर्स उस एक्टर को साइन करने के लिए बेताब रहते थे जिनके पास डेट्स नहीं होती थी. ये बातें सतीश शाह को बहुत ही हास्यास्पद लगती थीं कि जिनके पास काम नहीं है उन्हें कोई पूछ नहीं रहा और जिनके पास है उनके पीछे लोग पगलाए हैं. ये वो दौर था जब जिस एक्टर के पास डेट्स नहीं होती थी उसे उतना ही बड़ा स्टार कहा जाता था.

सतीश शाह आज जहां हैं उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए काफ़ी मेहनत की है. उनकी कौन-सी मूवी/सीरियल आपको सबसे अधिक पसंद है, कमेंट सेक्शन में बताना.