साल 2000 में एक फ़िल्म रिलीज़ हुई थी, जिसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. इसकी वजह थी फ़िल्म की कहानी जिसमें महात्मा गांधी जी को नेगेटिव रूप से दर्शाया गया था. इस फ़िल्म का नाम है ‘हे राम’. इस फ़िल्म से ही साउथ के मेगास्टार कमल हासन ने डायरेक्शन की फ़ील्ड में डेब्यू किया था. इस फ़िल्म से जुड़ा एक दिलचस्प क़िस्सा आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, जो जुड़ा है फ़िल्म की एक्ट्रेस रानी मुखर्जी से.

 ‘हे राम’ में कमल हासन और रानी मुखर्जी के अलावा शाहरुख़ ख़ान, रानी मुखर्जी, हेमा मालिनी, नसीरुद्दीन शाह, फ़रीदा जलाल और अतुल कुलकर्णी जैसे स्टार्स भी थे. रानी मुखर्जी के करियर के लिए बहुत अहम थी ये मूवी.

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दरअसल, इस फ़िल्म से पहले उनकी कई मूवीज़ आ चुकी थीं. मगर वो अपने करियर को लेकर बहुत ही संजीदा थीं और ख़ुद को टाइप कास्ट होने से बचाना चाहती थीं. इसलिए जब उन्हें इस फ़िल्म का ऑफ़र मिला तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी और पहुंच गईं चेन्नई. यहां फ़िल्म की शूटिंग चल रही थी

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शूटिंग के पहले दिन को याद करते हुए उन्होंने एक इंटरव्यू में फ़िल्म से जुड़ा ये क़िस्सा शेयर किया था. उन्होंने कहा- ‘जब मैं शूटिंग के पहले दिन सेट पर पहुंची. मैंने नॉर्मल ऑर्टिस्ट की तरह ही मेकअप कर रखा था. लेकिन जैसे ही कमल हासन ने मेरी तरफ देखा उन्होंने मुझे मुंह धोकर आने को कहा. मैंने कहा आप ये क्या कह रहे हैं. तब उन्होंने कहा कि पहले जाओ मुंह धोकर आओ. मैं गई और मुंह धोकर आई और थोड़ा सा मेकअप अभी भी चेहरे पर मौजूद था.’

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‘मैं जैसे ही वापस आई उन्होंने फिर से मुझे मुंह धोकर आने को कहा. उन्होंने मुझे देखते ही कहा तुमने चेहरा नहीं धोया. मैंने कहा धोया है. फिर उन्होंने जोर देते हुए कहा जाओ अच्छी तरह धोकर आओ. जैसे स्टूडियो से घर जाने से पहले धोती हो. मैं गई और फिर से पूरा मेक साफ़ कर वापस आई.’

असल में कमल हासन से प्रेरित होने वाली रानी मुखर्जी उनके इस बिहेवियर से परेशान हो गई थीं. वो सोच रही थीं कि बिना मेकअप के शूटिंग कैसे होगी. ये तो एक आर्टिस्ट के लिए आम बात है. ख़ैर, इस बात का जवाब भी कमल हासन ने उन्हें इशारों-इशारों में समझा दिया.

जब रानी वापस आईं तो कमल हासन ने उनके चेहरे पर एक बड़ी सी बिंदी लगा दी. मेकअप आर्टिस्ट को कहा कि थोड़ा काजल लगा दे. इसके बाद उन्होंने कहा कि ‘मेरी अपर्णा (फ़िल्म का किरदार) तैयार है.’ 

दरअसल, कमल हासन उन्हें समझाना चाहते थे कि बिना मेकअप के भी फ़िल्म शूट की जा सकती है. इसके लिए कैमरामैन का अपने काम में चतुर होना बहुत ज़रूरी है. वो कैसे लेंस और लाइट का इस्तेमाल कर बेस्ट शॉट निकालता है. साथ ही एक आर्टिस्ट को अपने लुक से अधिक एक्टिंग पर फ़ोकस करना चाहिए, तभी वो फ़िल्म में वास्तविक नज़र आएंगे.

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रानी मुखर्जी ने कहा इस बात को उन्होंने तभी से ही गांठ बांध लिया था. इस फ़िल्म से जुड़ा ये क़िस्सा आप यहां पढ़ सकते हैं. फ़िल्म से जुड़ा एक फ़न फ़ैक्ट ये भी है कि इस फ़िल्म में शाहरुख़ ख़ान ने एक छोटा सा रोल किया था, जिसके लिए उन्होंने कमल हासन से कोई फ़ीस नहीं ली थी.

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