रविवार आराम से चल रहा था. एक बहुत ही ख़ास दोस्त ने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट पर टैग किया. आमतौर पर पोस्ट देख लेती हूं पर आज ज़रा देर लगाई. उसने मैसेज करके कहा कि पोस्ट देखा. पोस्ट था ज़ायरा वसीम का.

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'दंगल', 'सीक्रेट सुपरस्टार' में अपने अभिनय से सबको चौंका देने वाली Teenager ज़ायरा. पोस्ट पढ़कर समझ आया कि ज़ायरा फ़िल्मी दुनिया छोड़ रही है. ज़ायरा ने Instagram और Facebook पर एक लंबे पोस्ट के ज़रिए अपनी भावनाएं व्यक्त की.

'5 साल पहले मैंने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने मेरी पूरी ज़िन्दगी बदल दी. बॉलीवुड में कदम रखते ही मेरे लिए Popularity के दरवाज़े खुल गए. मुझे पब्लिक अटेंशन मिलने लगी, मुझे रोल मॉडल की तरह देखा जाने लगा. हालांकि, मुझे ऐसा कुछ करना नहीं था और न ही ऐसा बनना था.


आज मैं बॉलीवुड में 5 साल पूरे कर रही हूं और मैं ये Confess करना चाहती हूं कि मैं अपनी इस पहचान से ख़ुश नहीं हूं. बहुत लंबे समय से मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं कोई और बनने की कोशिश कर रही हूं. जैसे-जैसे मैं चीज़ें Explore करने लगी और मुझे सब कुछ समझ आने लगा मुझे ये पता चला कि मैं इस दुनिया मैं Fit बैठती हूं पर यहां मुझे होना नहीं चाहिए. इस Field से मुझे बहुत सारा प्यार, साथ और तारीफ़ें मिली पर इस फ़िल्ड ने मुझे अज्ञानता के रास्ते पर मोड़ दिया, बिना समझे मैं अपने ईमान से दूर होती गई. मैं अज्ञानता के रास्ते पर चलती गई और ख़ुद को समझाती रही कि जो मैं कर रही हूं वो ठीक है और इसका मुझ पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा पर मेरी ज़िन्दगी से बरकत चली गई. बरक़त शब्द सिर्फ़ ख़ुशी या दुआ में ही नहीं सिमटा है, ये Stability का भी सूचक है और मैंने इसमें ख़ुद को जद्दोजहद करते पाया है.

मैं अपनी रूह से अपना ईमान मज़बूत करने के लिए कई बार लड़ी पर हार गई....'

अपने पोस्ट में ज़ायरा ने ये भी लिखा कि वो अपनी कोई 'संतनुमा' छवि नहीं बना रही है बस वो एक नई शुरुआत कर रही है.

ज़ायरा के पोस्ट का कुछ लोगों का तहे दिल से समर्थन किया-

वहीं कुछ लोग इससे असहमत दिखाई दिए-

ज़ायरा ने अपने पोस्ट में अल्लाह से दूर जाने की बात को स्वीकारा और धर्म से जुड़ी अपनी कुछ भावनाएं भी लिखी. सच कहूं तो 19 साल की ज़ायरा ने अपने ईमान को लेकर इतना कुछ लिखा कि उससे उम्र में बड़ी होने के बावजूद भी उसका पोस्ट मुझे 3 बार पढ़ना पड़ा, ये समझने के लिए कि आख़िर उसे कौन सी बात इतनी परेशान कर रही थी जिस वजह से उसने फ़िल्मी दुनिया छोड़ने का फ़ैसला किया.

ज़ायरा की अंदरूनी आवाज़ इतनी मज़बूत हो गई, कैसे? ये तो मैं नहीं समझ सकती. और इसका जवाब वो ही जानती होगी, पर पूरे वाक्ये पर मन में कई सवाल उठ रहे हैं. महिला सशक्तिकरण, अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर हद पार करने वाली फ़िल्में करने वाली ज़ायरा को ये क्या हुआ?

ये भी सच है कि उसके निर्णय पर मैं सवाल उठाने वाली कोई नहीं हूं पर सवाल उठना लाज़मी है. दंगल के लिए बाल कटवाने को लेकर भी उसे और उसके परिवार को कट्टरपंथियों ने धमकियां दी थी. बाल कटवाने और बॉलीवुड में अभिनय करने के लिए उन्हें ग़ैर-इस्लामिक कहा गया था.

ज़ायरा ने जनवरी 2017 में भी कहा था कि वो किसी की रोल मॉडल नहीं हैं. ज़ायरा उस वक़्त जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन मुख्यमंत्री, महबूबा मुफ़्ती से मिलने गई थी. इसके बाद कई कश्मीरी नेताओं ने इस मुलाक़ात पर उन्हें बुरा-भला कहा था. ज़ायरा ने अपने ट्विटर और फ़ेसबुक पर माफ़ी मांगते हुए एक पोस्ट भी लिखा था जिसे बाद में उसने डिलीट कर दिया.

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इसके बाद उसके पोस्ट पर हो रही चर्चा पर भी सवाल उठाते हुए उसने एक पोस्ट लिखा जिसे भी डिलीट कर दिया गया

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ज़ायरा के दंगल में अभिनय को देखकर लगा था कि उसका रास्ता काफ़ी लंबा है. सिक्रेट सुपरस्टार में अभिनय से उसने इसका यक़ीन दिलाया कि वो इस इंडस्ट्री में रुकने वाली है. मुझे पता है कि देश के कई बच्चों ने अपने सपनों पर उसको देखकर यक़ीन करना सीखा ही होगा, भले वो किसी की रोल मॉडल न बनना चाहती हो. मुझे दुख है कि फ़िल्म दुनिया ने इस तरह से इतना बेहतरीन सितारा खोया है पर मैं उम्मीद करती हूं कि ज़ायरा जिस सुकून की तलाश में है वो उसे मिले.


धर्म के नाम पर ज़ायरा का यूं अभिनय की दुनिया छोड़ना, इस दुनिया से जुड़ने की इच्छा रखने वाली मुस्लिम महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. इसकी पूरी संभावना है कि कट्टरपंथी, रूढ़िवादी सोच रखने वाले परिवार अपने घर के बच्चों के सपनों को ज़ायरा का उदाहरण देकर कुचलने की कोशिश करें. मैं उम्मीद करती हूं कि ज़ायरा ने किसी के दबाव में ये निर्णय नहीं लिया है और ये उनका अपना निर्णय है.