निबंध क्या होता है ये तो आपको पता ही होगा. हम सबने स्कूल में किसी न किसी टॉपिक पर निबंध ज़रूर लिखा होगा. होली, दिवाली, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, दशहरा, जैसे कई टॉपिक्स हैं जिन पर बचपन में स्कूल्स में निबंध लिखवाये जाते थे. हर प्रतियोगी परीक्षा के लिए भी निबंध लिखने की तैयारी करनी पड़ती है. प्रतियोगी परीक्षाओं में निबंध राइटिंग के लिए कई पब्लिशिंग हाउस अलग-अलग भाषाओं में किताबें छापते हैं. इन किताबों में हर क्षेत्र, हर टॉपिक से जुड़े निबंध होते हैं. इन किताबों की मदद से स्टूडेंट्स निबंध राइटिंग की तैयारी करते हैं.

मगर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक निबंध बहुत वायरल हो रहा है. ये निबंध आधुनकि नारी पर लिखा गया है. जिसे एक Current School Essays and Letters नाम की बुक में पब्लिश किया गया है. ये बुक उन स्टूडेंट्स के लिए है, जो आईसीएसई, आईएससी, सीबीएसई, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी में पढ़ाई कर रहे हैं.

इस बुक की राइटर हैं पूरबी चक्रबर्ती , जिन्होंने इंग्लिश में M.A. किया है, उन्होंने B.ED किया है और उनके पास D.E.L.T. का सर्टिफिकेट भी है.

इस किताब में छापे आधुनिक महिला पर निबंध में कुछ इस प्रकार आधुनकि महिला का विश्लेषण किया गया है कि आप भी सोच में पद जाएंगे कि ये सब क्या लिखा गया है और ये पब्लिश हो गया? किसने इसे पब्लिश किया. 'Current School Essays and Letters' बुक के पेज नंबर 213 पर 'The Modern Girl' टाइटल से निबंध लिखा गया है.

इस निबंध के अनुसार आज की मॉडर्न गर्ल कुछ ऐसी होती है:

आज के दौर की लड़कियां बहुत स्मार्ट, बुद्धिमान, जागरूक और फ़ैशनेबल हैं. वो हमेशा फ़ैशन, महत्वाकांक्षा, प्रोफ़ेशनल लेवल और हर क्षेत्र में पुरुषों की नक़ल करती हैं. उनको बदलते फ़ैशन के साथ चलना पसंद है. उनको जींस, पैंट्स और हॉट पैंट्स पहनना पसंद होता है. मॉडर्न लड़कियों के फ़ैशनेबल कपड़ों में रंग-बिरंगी साड़ियों के लिए कोई जगह नहीं है. ये मॉडर्न लड़कियां फ़िल्में देखती हैं, टीवी सीरियल्स देखती हैं और उनमें देखकर हेयरस्टाइल, कपड़ों का स्टाइल और एक्टर्स के तौर-तरीकों और आदतों को कॉपी करती हैं. उसको लेटेस्ट कट्स, ड्रेसेस बहुत भाती हैं और वो लोगों का ध्यान आकर्षितक करने वाली डेरेसेज़ के पीछे भागती हैं.
आज की मॉडर्न लड़की बिलकुल भी शर्मीली नहीं है और न ही वो किसी की बात मानती है, वो बिलकुल भी घरेलू नहीं है, जैसा उसे होना चाहिए. वो किसी भी तरह से ख़ुद को घर की चार दीवारों में सीमित करने के लिए तैयार नहीं है. वो अपने अधिकारों के लिए लड़ती है क्योंकि वो अपनी ज़िन्दगी को लड़कों की तरह जीना चाहती है. वो एक प्यारी बेटी या अच्छी बहन होने की बजाए एक स्वार्थी प्राणी है. वो अपनी ज़िन्दगी खुलकर जीना चाहती है और इसलिए वो पार्टी, सिनेमा, फ़ैशन परेड, कॉन्सर्ट्स, जैसी घर के बाहर होने वाली ऐसी किसी भी एक्टिविटीज़ को बिलकुल भी मिस नहीं करना चाहती है. वो बेझिझक लड़कों से बात करती है और आसानी से लड़कों के साथ दोस्ती भी कर लेती है.

इस किताब में मॉडर्न लड़कियों के बारे में बहुत सी ऐसी बातें लिखी गई हैं और अगर आप इस निबंध को पूरा पढ़ना चाहते हैं, तो यहां पढ़ सकते हैं.

इस किताब की फ़ोटोज़ को Abhik Hazra नाम के एक फ़ेसबुक यूज़र ने अपने अकाउंट से पोस्ट किया है. इस पोस्ट को अब तक 1400 से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

आधुनिक नारी पर ये किस तरह का वाहियात निबंध पब्लिश किया गया है इस किताब में. इनके हिसाब से एक लड़की को खुलकर जीने का कोई अधिकार नहीं है. उसका जन्म केवल घर की चार दीवारी में कैद होने के लिए ही हुआ है. कैसी मानसिकता है इस राइटर की, जो खुद औरत होकर औरतों के लिए ऐसी सोच रखती है. ये तो इस किताब की एक झलक मात्र है. पता नहीं इसमें और न जाने कितने ऐसे निबंध होंगे जो देश, देश के इतिहास और राजनीति के बारे में बच्चों को ग़लत जानकारी दे रहे होंगे.

अगर आपके बच्चे भी इस किताब या ऐसी किसी किताब से अपनी पढ़ाई में मदद कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइये.

Source: Abhik Hazra