जूलियस सीज़र के बारे में कहा गया है 'He Came, He Saw, He Conquered'. यही बात अगर हम भारतीय मीडिया के दिग्गज, अर्नब गोस्वामी के बारे में कहें, तो गलत नहीं होगा. अपने जोशीले अंदाज़ और ज्वलनशील जर्नलिज़्म की वजह से आज देश में उन्हें बच्चा-बच्चा जानता है. बड़े-बड़े नेताओं और बुद्धिजीविओं की भी उनके शो पर बोलती बंद हो जाती थी. रात 9 बजे, Newshour पर उनका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते थे.

Source: Madhusudhan Sunder Raj

फिर एक दिन... वो आवाज़, वो अंदाज़, वो जोश, टीवी पर दिखाई नहीं दिया. खबर आयी कि अर्नब गोस्वामी ने Times Now से इस्तीफ़ा दे दिया है और वो अपना खुद का वेंचर 'Republic' शुरू करने वाले हैं.

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हमारी मूल कंपनी, Scoopwhoop को मौका मिला अर्नब के साथ ख़ास और एक्सक्लूसिव बातचीत करने का. उसके मुख्य अंश हम आपके लिए लाये हैं. पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.

Source: Madhusudhan Sunder Raj

Exclusive Arnab Goswami Interview

1. आप अपने करियर के शीर्ष पर थे जब आपने Times Now छोड़ा. ऐसा क्यों किया?

मेरा हमेशा से विश्वास रहा है कि जब लोगों को अपेक्षा न हो, तब बदलाव की शुरुआत की जाए. मुझे नहीं लगता मैं अपने करियर के शीर्ष पर था. अभी बेस्ट आना बाकी है. मुझे जनता से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है जिसका मतलब है कि मैंने सही समय पर ये कदम उठाया.

2. Republic क्या है? हमें ज़्यादा पता नहीं है, तो क्या अपेक्षा की जाए?

टीवी, डिजिटल, सोशल मीडिया और हर उस जगह जहां जर्नलिज़्म को पहुंचना चाहिए.
हम नयी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर अपना संदेश और जर्नलिज़्म ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों तक पहुंचाएंगे. न्यूज़ जेनरेशन से लेकर कंटेंट बनाने तक, हर प्लेटफॉर्म पर आपको Republic देखने को मिलेगा. ये सफर बहुत ही सुंदर होगा.

3. आज के समय में मीडिया में क्या गलत हो रहा है? और Republic इसे कैसे ठीक करेगा?

तीन-चार मूलभूत बातें हैं जो मीडिया में गलत हो रही हैं और मैं खुल के उसके बारे में बोलूंगा.
  1. पहली ये कि कुछ लोगों को लगता है कि अगर उनके पास ज़्यादा पैसा है तो वो हमेशा जीतेंगे.
  2. दूसरी बात ये कि है कि भारतीय मीडिया का दिल्ली में केंद्रीकरण हो गया है, जो सही नहीं है.
  3. और तीसरी बात ये है कि भारतीय मीडिया का कुछ अंश कॉरपोरेट्स के हाथों में चला गया है.
मैं ये नहीं कह रहा हूं कि Republic इन समस्याओं को दूर कर देगा, लेकिन भारतीय मीडिया को सुदृढ़ बनाने के लिए और समन्वय और समरूपता लाने के लिए ये बहुत ही प्रबल कदम है.

पूरी बातचीत पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

Exclusive Arnab Goswami Interview