फ़ेसबुक ने यूज़र्स के लिए वेबसाइट को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव किया है. अब अगर यूज़र चाहे, तो उसकी प्रोफ़ाइल फ़ोटोज़ को शेयर और डाउनलोड नहीं किया जा सकेगा. इससे अब लोग अपनी डिस्प्ले पिक को लेकर बेफ़िक्र रह सकते हैं, इसे कहीं ग़लत तरीक़े से इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.

भारत में फ़ेसबुक पर फ़ेक अकाउंट बनाने वालों की कमी नहीं है. किसी की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से फ़ोटो चुरा कर उसके नाम से फ़ेक अकाउंट बनाना आसान काम है.

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लड़कियों के फ़ेसबुक अकाउंट, तो और भी सुरक्षित नहीं होते. लड़कियों की फ़ोटोज़ की सबसे ज़्यादा चोरी होती है. अगर आप कभी फ़ेसबुक चला रहे हों, तो किसी लड़की का नाम सर्च करें दर्जनों फर्ज़ी अकाउंट आपको मिल जायेंगे, जिन पर लड़कियों की तस्वीरों के साथ गंदे कैप्शन लगे होते हैं. फ़ेसबुक ने एक रिसर्च किया, तो पता चला लड़कियां इसी वजह से अपनी फ़ोटोज़ को फ़ेसबुक पर अपलोड करने से डरती हैं. फ़ेसबुक के इस कदम से अब सबकी प्रोफ़ाइल सेफ़ रहेगी.

टैगिंग से छुटकारा

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फ़ेसबुक ने एक और बदलाव किया है, जिसकी वजह से अब केवल आपके Friend List में Add लोग ही आपको टैग कर सकते हैं. इससे पहले कोई भी यूज़र किसी को टैग कर सकता था.

Center for Social Research and Learning Links Foundation के सहयोगी संगठनों के साथ, फ़ेसबुक ने ये टूल डिज़ाइन किया है, जिससे लोग ऑनलाइन रह कर भी सेफ़ रह सकें. फ़ेसबुक अब प्रोफ़ाइल पिक्चर सुरक्षित अपलोड करने की मेनुअल गाइड डिज़ाइन करने वाला है.

नीले बॉर्डर के साथ Security Shield से यूज़र्स की सेफ़ प्रोफ़ाइल पहचानी जा सकेगी.

Facebook की Product manager आरती सोमान ने कहा है कि, 'इसके साथ हम वे रास्ते भी तलाश रहे हैं, जिनके ज़रिये लोग प्रोफ़ाइल पिक्चर के साथ आसानी से डिज़ाइन जोड़ सकते हैं. इसे हमारी रिसर्च ने ग़लत इस्तेमाल रोकने में मददगार पाया गया है. भारत में मिले अनुभव के आधार पर हम इसे जल्द ही दूसरे देशों में शुरू करेंगे.'

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