फ़ेक न्यूज़, तस्वीर और वीडियो का चलन तो पिछले कुछ सालों से है लेकिन ये सदियों से अस्तित्व में थी. ऐसी कई चीज़ें अब फ़ेक साबित हो गई हैं, जिन्हें हम सच मानते थे. ऐसे ही एक तस्वीर है, जो पिछले कई सालों से इंटरनेट पर मौजद है और लोग उसे शेयर कर रहे हैं, लेकिन लोगों को उसकी असलियत नहीं पता.

कोर्ट मार्शल की तस्वीर.

तस्वीर में तीन वर्दीधारी फ़ौजी हैं, एक रो रहा है, दूसरा उसे दिलासा दे रहा है, तीसरा बस बगल में उदास खड़ा है. तीनों कटघरे में खड़े हैं. इस तस्वीर के साथ एक कहानी तैयार की गई, जो कहती है. 'बीच में खड़ा भारतीय सेना का ये जवान इसलिए भावुक है, क्योंकि इसका कोर्ट मार्शल हो रहा है. जवान की ग़लती यो है कि ये बिना ऑर्डर दो पाकिस्तानियों का सिर क़लम कर लाया. क्योंकि उन्होंने एक भारतीय सिपाही का सिर काटा था.'

फ़ेसबुक पर ये तस्वीर इस कहानी वाले कैप्शन के साथ हज़ारों बार शेयर की गई है. फ़ोटो को शेयर करने वाले की मांग होती है कि नियमों को बदल कर इस सैनिक के कोर्टमार्शल को रोक दिया जाए और उसे सम्मानित किया जाए. नीचे एक नमूना पेश है-

इस तस्वीर की सच्चाई क्या है?

ये फ़ोटो, अरविन्द गौड़ के सुप्रसिद्ध प्ले 'कोर्टमार्शल' का ही एक सीन है. इसे 2009 में खींचा गया था. इसके बाद सालों से इस तस्वीर का इस्तेमाल अलग-अलग सरकारों के ख़िलाफ़ आम नागरीक की भावनाओं को भड़काने के लिए किया जा रहा है.

आपको बता दें कि सेना की अदालत की कार्यवाहियों की न ही वीडियो रिकॉर्डिंग होती है, न ही तस्वीर ली जाती है, फिर ऐसी तस्वीर का बाहर आने का सावल भी नहीं पैदा होता.

अब जो भी आपको वॉट्स्एप फॉर्वड के नाम पर आपको ये भेजे, उसे इसकी सच्चाई बता देना.