ये ख़बर बेहद ही हैरान करने वाली है. तमिलनाडू के त्रिची जिले के 30 किसानों के एक ग्रुप ने बीते शुक्रवार को अपने मुंह में मरे हुए चूहों को दबाकर विरोध प्रदर्शन किया. आपको बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन के ज़रिये इन किसानों ने राज्य सरकार से राज्य को सुखा ग्रसित राज्य घोषित करने की मांग की है.

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Desiya Thennidiya Nadhigal Inaippu Sangam के माध्यम से किसानों ने कहा, पानी की कमी के कारण राज्य में धान की खेती करना मुश्किल हो गया है. जिस वजह से वो गरीबी की दलदल में धंसे जा रहे हैं. आपको बता दें कि ये प्रदर्शनकारी अपने मुंह में मरे हुए चूहे को दबाकर खड़े हैं क्योंकि वो ऐसा करके सरकार तक ये सन्देश पहुंचाना चाहते हैं कि पैसा न होने के कारण वो चूहे खाने को मजबूर हैं.

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बाद में ये किसान कैंपस में पहुंचे. इन किसानों का नेतृत्व Desiya Thennidiya Nadhigal Inaippu Sangam के प्रेसिडेंट P. Ayyakannu ने किया. P. Ayyakannu का कहना है कि हताश किसानों की दुर्दशा पर सरकार की निष्क्रियता और हताश करने वाली प्रतिक्रिया ने उन्हें राज्य में इस तरह का विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया.

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इसके साथ ही Ayyakannu ने बताया, 'लगभग 40 किसान सूखा प्रभावित जिलों में धान की खेती न हो पाने की स्थिति में मौत को गले लगा चुके हैं. हम त्रिची के जिला प्रशासन के समक्ष कई साड़ी अपील पेश कर चुके हैं, ताकि वो राज्य सरकार तक हमको मुआवजा देने की मांग को पहुंचा सकें. लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाई नहीं की गई है.'

इतना ही नहीं ये किसान विरोध प्रदर्शन के दौरान वहीं खुले मैदान में लेट गए. ताकि उनकी बात सुनी जाए.

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गौरतलब है कि जब तक सभी किसान त्रिची के जिला कलेक्टर Dr. K S Palanisamy द्वारा आयोजित की गई कृषि शिकायत दिवसीय बैठक में शामिल नहीं हो गये और अपनी शिकायत दर्ज करा कर वहां से चले नहीं गए, तब तक पुलिस को लगभग 2 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ा.

किसानों के इस विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, जिला कलेक्टर ने कहा, 'सभी किसानों की याचिकाओं को राज्य सरकार को पहले ही भेज दिया गया है.'

गौरतलब है कि इस साल बारिश कम होने के कारण तमिलनाडू के किसानों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है. और अपने इस विरोध प्रदर्शन के ज़रिये ये किसान तमिलनाडू को सुखाग्रस्त राज्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं.

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