इन दिनों कई देश के नेताओं की ओर से कई विवादित बयान सुनने को मिल रहे हैं. कभी अलीगढ़ में जिन्ना की फ़ोटो को लेकर बीजेपी नेता का विवादित बयान, तो कभी त्रिपुरा के बिप्लब देव की बेतुकी बयानबाज़ी. वहीं छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री, रामसेवक पैकरा का पीलिया से हो रही मौतों पर चौंकाने वाला बयान. ये सारी बयानबाज़ी तब हो रही है, प्रधानमंत्री मोदी सभी नेतों को इस तरह के बयान न देने की नसीहत दे चुके हैं. मोदी की नसीहत के बावजूद बीजेपी के नेताओं में बेतुके बयान देने की होड़ सी चल रही है. अब इस सूची में एक और नाम जुड़ गया है. वो नाम है मध्यप्रदेश के बीजेपी विधायक गोपाल परमार का. जी हां, गोपाल परमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बाल विवाह पर जबसे रोक लगी है, लव जिहाद का बुख़ार चालू हो गया है.

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 'जब से 18 साल की बीमारी चालू हुई, लव जिहाद का बुखार शुरू हो गया'

indianexpress में छपी ख़बर के अनुसार, बीते शनिवार को आगर मालवा में आजीविका और कौशल विकास दिवस कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करते हुए बीजेपी विधायक, गोपाल परमार ने कहा, 'पहले हमारे बड़े-बुजुर्ग संबंध (शादी) तय कर लेते थे. भले ही बचपन में कर लेते थे, लेकिन वह संबंध ज़्यादा टिकते थे, उस समय रिश्ते ज़्यादा मज़बूत थे. पर जब से शादी के लिए लड़के की उम्र 21 और लड़की की 18 साल रखने की बीमारी सरकार ने चालू की है, तब से बहुत सारी लड़कियां घर से भागने लगीं हैं. तब से ही ये लव जिहाद का बुखार चालू हो गया. हमें हमारे घर में ध्यान ही नहीं है कि हमारी छोरी क्या कर रही है. हमें कह कर जा रही है कि कोचिंग क्लास जा रही हूं. यह ध्यान कौन रखेगा, बताओ.' परमार ने आगे कहा, 'वो अगर किसी लड़के के साथ भाग गई, तो आपकी इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ हो जाएगा. इसलिए आपकी जिम्मेदारी यह पता लगाने की बनती है कि लड़की गई है तो कहां गई है.'

इसके साथ ही परमार ने कार्यक्रम में मौजूद माओं को समझाते हुए कहा, 'ये सभी माओं की ड्यूटी है कि वो अपनी बेटियों को इस बारे में समझाएं। क्योंकि जब लड़कियां लड़कियां किशोरावस्था में पहुंचती हैं, उनका दिमाग़ घूमना शुरू हो जाता है. लड़कियां ज़्यादा भावुक होती हैं, कोई भी उनको बरगला सकता है. इसलिए उन पर ध्यान रखना मां की ज़िम्मेदारी होती है.'

इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में उन्होंने बाल विवाह के कई सारे फ़ायदे भी बता डाले. इसके साथ ही उन्होंने कहा, बाल विवाह से लव जिहाद जैसे घटनाओं पर विराम लगता है.

ANI के अनुसार, देर से शादी होने को जलव जिहाद से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि पहले गांव में बच्चों की शादी बचपन में हो जाती थी, तो उस व्यक्ति की मानसिकता सेफ़ हो जाती थी. आज अगर किसी की शादी सही समय पर नहीं होती, तो वो भटक जाता है और फिर लव जिहाद जैसी घटनाएं होती हैं.'

कितने दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश के नेता ही इस तरह की मानसिकता रखते हों, उस देश में उन्नति की किरण कहां से दिखाई देगी.