अलास्का एयरलाइंस की एक फ्लाइट अटेंडेंट ने खुलासा किया है कि उसने किस तरह से एक किशोरी को ह्यूमन ट्रैफिकिंग से बचा लिया. उसने प्लेन के टॉयलेट में एक सीक्रेट नोट छोड़कर ये काम किया. Shelia Fedrick, जो अलास्का एयरलाइंस में काम करती हैं, ने प्लेन में एक बूढ़े व्यक्ति के बगल में बैठी 14-15 साल की लड़की को नोटिस किया. ये प्लेन Seattle से San Francisco जा रहा था.

Picture: Google+ (Shelia Fedrick)

उसने बताया कि वो व्यक्ति तो स्मार्ट दिख रहा था, लेकिन ऐसा लग रहा था कि उस लड़की को किसी नर्क से निकाल कर लाया गया हो. जब भी वो उस लड़की से बात करने की कोशिश करती, तो व्यक्ति उसके बदले में जवाब देता और लड़की का बचाव भी करने लगता. इसलिए Shelia Fedrick ने सोचा कि कुछ एक्शन लेना चाहिए.

Shelia ने NBC को बताया कि 'मैंने बाथरूम में नोट लिखकर छोड़ा. उस लड़की ने वापस जवाब में लिखा कि ''मुझे मदद चाहिए''.' फिर अटेंडेंट ने पायलट को सब कुछ बताया और फिर पायलट ने एयरपोर्ट पहुंचने से पहले पुलिस को सारी बातें बता दीं, ताकि उन्हें वहीं पर रोका जा सके.

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Sheila 2011 की उस घटना के बारे में बात कर रही थीं, जिसमें Airline Ambassadors नामक एक समूह ने 100 फ्लाइट अटेंडेंट को मौके पर ही ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी, ताकि ह्यूमन ट्रैफिकिंग का पता लगाया जा सके. ये समूह एयर स्टाफ को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के लक्षणों के बारे में बताता है और शक होने पर एक्शन लेने को कहता है. इस समूह की प्रेसिडेंट Nancy Rivard ने कहा कि 'हमारी टीम ने मुद्दे पर बातचीत की थी और चूंकि हम अलर्ट थे इसलिए हमने तीन ह्यूमन ट्रैफिकिंग के केसेज़ को एकदम सही पकड़ा. हमने बताया था कि ऐसे हाल में तुरंत पायलट को सूचित करना चाहिए. हमारी कोशिश से फ्लाइट अटेंडेंट्स अलर्ट रहीं, जिससे बच्चों को वेश्यावृत्ति, गुलामी जैसे नरक में जाने से बचाया जा सका.'

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Shelia की होशियारी के चलते वो बच्ची बचाई जा सकी. उसने एक पन्ने पर अपना नंबर लिखा था, जिसे उस बच्ची ने याद कर लिया. अब भी वो बच्ची एयरलाइन के संपर्क में है.

source: metro