'आपके घर लड़की हुई है' ये शब्द सुनते ही, कई लोगों का मुंह बन जाता है. ऐसे लोग शायद ये भूल जाते हैं कि आज कल की छोरियां, किसी छोरे से कम नहीं होती. इसका जीता जागता उदाहरण हैं गुजरात कि ये चार बहनें. इन चार बहनों ने गुजरात के साथ-साथ देश का भी नाम रोशन किया है. दरअसल, कोडिनार तहसील के छोटे से गांव सरखड़ी के किसान मेरामण भाई वाला की बेटी चेतना वाला ने चीन में आयोजित हुए, ब्रिक्स टूर्नामेंट में भारतीय टीम का नेतृत्व कर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. 19 साल की चेतना ने बीते 21 जून को चीन में भारतीय अंडर-20 महिला वॉलीबॉल टीम का नेतृत्व किया.

7 स्वर्ण, 7 रजत, 12 कांस्य और 24 राष्ट्रीय पुरस्कार भी हासिल करने वाली, चारों वाला बहनें न सिर्फ़ वॉलीबाल खेलती हैं, बल्कि खेती के काम में भी अपने पिता की बराबर मदद करती हैं. चेतना और किंजल भारतीय जूनियर महिला टीम की केप्टन भी रह चुकी हैं. चार में से दो बहनें इंटरनेशनल और दो नेशनल टूर्नामेंट खेल कर, अपनी सफ़लता का परचंप लहरा चुकी हैं.

बातचीत के दौरान चेतना ने बताया, 'मुझे अपनी बहन किंजल से बहुत कुछ सीखने को मिला और मैं आज जहां भी हूं सिर्फ़ अपने पिता की वजह से हूं.'

अपनी मेहनत के दम पर इतना कुछ हासिल करने वाली, इन बहनों की जितनी तारीफ़ की जाए, उतनी कम है.