दोस्ती नाम है शरारत का, मुस्कुराहट का, उम्रभर की चाहत का. कोई आए या ना आए, दोस्त हर मुसीबत में दौड़ा चला आता है. दोस्ती सुकून है, जो हमें हर तकलीफ से निज़ात दिलाता है. कभी छेड़छाड़, कभी इकरार, हर दिन की तकरार, मगर दिलों में है प्यार. दोस्ती इसी का नाम है सरकार.

तो दोस्तों, आज हम आपको दोस्ती की एक ऐसी मिसाल से रु-ब-रु कराने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी यही बोलेंगे कि दोस्त हो तो इनके जैसा.

जन्म से ही मांसपेशियां कमज़ोर होने के कारण Kevan Chandler पिछले कुछ सालों से अपना जीवन व्हीलचेयर पर ही बिता रहे हैं. हालांकि उनकी ये शारीरिक स्थिति उनको किसी भी तरह की एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं देती है, लेकिन फिर भी उनके ज़िन्दगी जीने का ज़ज़्बा और आत्मविश्वास कम नहीं हुआ. अपने इसी ज़ज़्बे को कायम रखते हुए Kevan ने अपने दोस्तों की मदद से उनके साथ पूरे यूरोप की बैकपैक ट्रिप करने का प्लान किया.

लेकिन यह उनकी पहली ऐसी ट्रिप नहीं है, इससे पहले भी Kevan अपने 4 दोस्तों के साथ Greensboro की गलियों में घूम चुके हैं. Kevan के पास एक ऐसी व्हीलचेयर हैं जिसमें आरामदायक गद्दी, बैक रेस्ट की सुविधा है, जो उनकी यात्राओं को सुखद और आसान बनाने में मदद करती है. इसके साथ ही ये चेयर भी उनको यात्राओं में उनके सच्चे दोस्त की भूमिका निभाती है.

Kevan का वज़न 65 पाउंड है, पूरी उम्मीद है कि उनके दोस्त उनको यूरोप के प्रसिद्ध स्थानों फ्रांस, इंग्लैंड और आयरलैंड में आराम से घुमा पाएंगे. हालांकि Kevan अपनी इस यात्रा में यूरोप के प्रमुख स्थानों के साथ-साथ उन जगहों को भी जैसे Monasteries और Catacombs को भी देखना चाहते हैं, जहां लोग जल्दी नहीं जाना चाहते हैं.

Kevan अपने दोस्तों के साथ किये गए इस अद्भुत एक्सपीरियंस और अपनी सच्ची दोस्ती की कहानी को पूरी दुनिया के साथ शेयर करना चाहते हैं. Kevan कहते हैं कि "हम पांचों ही दोस्त कहीं न कहीं किसी कारण से दुखी हैं और काफी हद तक टूट गए हैं, इसलिए हमे अपने ग़मों को भुलाकर एक-दूसरे को संभालने और मदद करने की ज़रूरत है."

Kevan ने "We Carry Kevan" नाम एक एक पेज बनाया है, जिस पर आपको उनकी यात्रा के दौरान उनके अनुभवों, जिनके बारे में Kevan ने खुद लिखा है और उनकी फ़ोटोज़ भी देखने को मिलेंगी. Kevan के दोस्त Ben Duvall, Philip Keller, Tom Troyer और Luke Thompson लगातार उनके स्टेमिना को इस यात्रा के लिए बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं. इन दोस्तों की यह यात्रा जून 19 से जुलाई 8 तक चलेगी.

इनकी ऐसी पक्की दोस्ती को देख कर तो केवल एक ही लाइन याद आ रही है "ऐ यार सुन, यारी तेरी हमें ज़िन्दगी से भी प्यारी है".

Story Source: indiatimes