चैन्नई के रश्मि देवाप्रसाथ और अद्वित्य थापा ने Special लोगों के लिए Special Sources नाम की वेबसाइट शुरू की है. Special यानि कि ख़ास, असामान्य, असाधारण. जो हम जैसे नहीं हैं, पर हमसे भी बेहतर हैं. वैसे तो हम बहुत ही आधुनिक हो गए हैं, पर कुछ बातें हैं जो हमारे पिछड़ेपन को दर्शाती है, जैसा कि दिव्यांगों के प्रति हमारा व्यवहार.

रश्मि एक अनुभवी Special Educator हैं और अद्वित्य ने Development Sector में काम किया है. बचपन के इन दो दोस्तों ने सालों की मेहनत के बाद, दिव्यांगों के लिए ये वेबसाइट तैयार की है.

रश्मि डोक्टरों के परिवार से ताल्लुक रखती हैं. अपने पिता के साथ ही वे काम करती हैं. रश्मि ने कई साल काम करने के बाद ये पाया कि ज़्यादातर Special व्यक्तियों को पता ही नहीं होता कि वे मदद के लिए किसके पास जाएं. Therapy हो या इलाज, उन्हें किसी भी विषय पर सटीक जानकारी नहीं होती. सवाल तो ढेरों थे, पर रश्मि के पास भी उनके जवाब नहीं थे.

अपने प्रोजेक्ट के बारे में अद्वित्य ने बताया,

'हम इस Concept के बारे में कई सालों से सोच रहे थे, पर पिछले साल से ही इस पर काम करना शुरू किया. ये वेबसाइट रश्मि के पति ने ही बनायी है. वेबसाइट बनाते हुए हमें लगा, कि इस वेबसाइट का दायरा बहुत बड़ा है.'

वहीं रश्मि अपने इस Initiative से बहुत खुश हैं. वेबसाइट की शुरुआत के बारे में उन्होंने बताया,

'हमने ये महसूस किया कि चाहे वो Special बच्चे हों, या Physical Inability वाले बड़े-बूढ़े, इन सबकी ज़रूरतें एक जैसी ही हैं. कई बार बुज़ुर्गों की भी वही ज़रूरतें होती हैं, जो किसी दिव्यांग व्यक्ति की होती हैं. ये वेबसाइट सिर्फ़ दिव्यांगों या उनके माता-पिता के लिए ही नहीं है, ऐसे लोगों के लिए भी है जो दिव्यांगों के लिए काम करते हैं.'

कई महीनों की कड़ी मेहनत और कई बैठकों के बाद, रश्मि और अद्वित्य ने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया. इस वेबसाइट को बनाने से पहले रश्मि और अद्वित्य ने बहुत से लोगों से बातचीत की, जो Special लोगों के लिए काम करते हैं.

इस वेबसाइट को अप्रैल में ही लॉन्च किया गया है और ये अभी Testing Stage में है. ये वेबसाइट 150 से ज़्यादा Resources (चिकित्सा से लेकर Recreational Activity तक) उपलब्ध करवाती है.

इस वेबसाइट को बनाने का सिर्फ़ एक ही मकसद है, हर Special इंसान को Special ट्रीटमेंट मिले. उन्हें जो भी सहायता की ज़रूरत हो, वो आसानी से उपलब्ध हो. इस वेबसाइट पर डॉक्टर और Therapists के बारे में भी जानकारी उपलब्ध है. इस वेबसाइट पर Disabled-Friendly यात्रा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी.

Special Sources पर सारी जानकारियां फिल्हाल बिना किसी शुल्क के उपलब्ध हैं.

Source: ABC

हमारे देश में किसी के घर में दिव्यांग का होना, बहुत सारी परेशानियों का सबब बन जाता है, या यूं कहें कि बना दिया जाता है. परिवार के लोगों को परेशानी न भी हो तो पड़ोसी बेचैन होने लगते हैं. सरकार द्वारा भी दिव्यांगों के लिए उतनी सहायता मुहैया नहीं करवाई जाती. ऐसी अवस्था में रश्मि और अद्वित्य की ये मुहीम Special व्यक्तियों के लिए आशा की किरण ही है.

Source: The Logical Indian