हम भारत के रहने वाले हैं और हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है. बचपन से हम ये लाइन सुनते आ रहे हैं, पर अब तक समझ नहीं आया कि आखिर हमें किस बात पर गर्व करना चाहिए और किस बात से शर्मिंदा होना चाहिए. हमारे दिमाग में एक बात घर कर गई है कि हम जो करें, वो सही और दूसरा कुछ भी करे, वो गलत. सही और गलत की परिभाषा हमने अपनी सुविधानुसार बना ली है और ज़रुरत पड़ने पर हम इसमें फेर-बदल भी कर लेते हैं. अगर एक चीनी का शौक़ीन डॉक्टर अन्य मरीजों को मीठी चीज़ों से दूर रहने की सलाह देगा, तो क्या ये वाज़िब होगा?

इन्हीं बातों को दर्शाने के लिए एक फेसबुक पेज Brown Paperbag ने कुछ बेहतरीन डिज़ाइन्स तैयार किये हैं, जो आपको हमारे समाज का सच दिखा देंगे. आपको समझने में देर नहीं लगेगी कि हम किस तरह की खोखली और दिखावटी ज़िंदगी जी रहे हैं!

1. जन्मदिन ख़ुशी का नहीं, खर्च का मज़बूरी का दिन बनता जा रहा है.

2. देश की सबसे बड़ी समस्या गरीबी या भुखमरी नहीं, लड़की है.

3. क्योंकि, खुले में पेशाब करने से संस्कृति का नुकसान नहीं होता है.

4. दोस्तों के सामने घर और घरवालों को Cover-Up करना तो पड़ेगा.

5. देशी चीज़ों को बढ़ावा देंगे, पर पैसे विदेशी पर ही खर्च करेंगे.

6. प्रकृति के बचाव लिए उसी का गला घोंट कर उपाय निकाला जा रहा है.

7. बीमारी चाहे कितनी भी ख़तरनाक हो, डॉक्टर तो घर-घर में मिलते हैं.

8. नसीहत देने से पहले हम आईना क्यों नहीं देखते हैं?

9. परिवार में राय का ज़माना नहीं है, हम गुलामों के गुलाम हैं.

10. ऑटो वाले जानते हैं कि नज़ारे देखने का मौका कहां मिलेगा!

11. वो बेटा है न बाहर जा सकता है, पर तू तो बेटी है!

12. होश में ना रहने वाले गाड़ी चलाकर अपना Sense Test देते हैं.

13. हर चीज़ आपके लिए नुकसानदायक है और दूसरों के लिए फ़ायदेमंद.

14. हमारे पैसे तो पैसे हैं और आपके पैसे मिट्टी का ढेर.

15. हम जानते हैं कि दूसरों के लिए जीना क्या होता है.

16. यहां ज़िम्मेदारियां बढ़ते ही काम नहीं, बल्कि रौब बढ़ जाता है.

17. आपकी शादी उनके लिए छुट्टी की मस्ती या बस Weekends का प्लान है.

18. किस मुंह से आप बच्चों को देश का भविष्य बताते हैं?

ये तस्वीरें आपकी आंखें खोलने के लिए थीं. अगर इन तस्वीरों को देखने के बाद भी कोई कुछ समझना नहीं चाहता, तो वो बिलकुल शान से अपनी संस्कृति पर गर्व कर सकता है. चाहे वो देश की सरकार हो, या संस्कृति अगर बदली न जाए तो दूषित हो जाती है. अब आप क्या चाहते हैं, ये आप पर निर्भर करता है.

जय हिन्द...!