किसी भी एग्ज़ाम में तीन टाइप के लोग होते हैं. एक वो होते हैं, जो बहुत सारा पढ़ कर जाते हैं और चुपचाप पेपर दे कर आराम से पास हो जाते हैं. दूसरे वो लोग होते हैं, जो कुछ भी नहीं पढ़ कर जाते और चुपचाप भगवान भरोसे रहने की वजह से फ़ेल हो जाते हैं. आखरी में वो लोग होते हैं, जो एग्ज़ाम तो देते हैं, पर एग्ज़ामिनेशन हॉल में कुछ ऐसा हंगामा करते हैं कि सबकी नज़रें उन पर ही टिक जाती है. ऐसे ही लोगों को ध्यान में रखते हुए एक यूज़र ने Quora पर एग्ज़ामिनेशन हॉल के बारे में ऐसा ही सवाल किया, जिस पर लोगों ने दिल खोल के अपने जवाब दिए. Quora पर आये इन जवाबों में कुछ जवाब ऐसे भी थे, जो ज़रूरत से ज़्यादा ही मज़ेदार थे. Quora पर आये इन जवाबों में से हम कुछ ऐसे जवाब चुन कर लाये हैं, जिन्हें पढ़कर आप भी कहेंगे कि 'इस हमाम में सिर्फ़ हम ही नंगे नहीं है.'

बिना मोबाइल के ही वाइब्रेशन

अविनाश पटेल नाम के एक यूज़र ने इस सवाल का जवाब देते हुए बताया कि उनका एक दोस्त था, जिसे टीचर्स को अपनी हरकतों से Irritate करने में महारत हासिल थी. फ़ाइनल सेमस्टर के एग्ज़ाम में वो उनकी ही क्लास में बैठा था. प्रिंसिपल ने क्लास में नकल को रोकने के लिए बच्चों के मोबाइल को टीचर की डेस्क पर रखने को कहा था.

जब एग्ज़ाम शुरू हुआ, तो अचानक ही किसी मोबाइल के वाइब्रेशन की आवाज़ आने लगी. टीचर मोबाइल को लेने के लिए दौड़ कर लास्ट बैंच पर आया, पर उसके आते ही मोबाइल बंद हो गया. मोबाइल को ढूंढने के लिए उसने सभी बच्चों को चेक किया, पर कोई मोबाइल नहीं मिला. ऐसा करीब 15-20 बार हुआ. आखिर में टीचर का पारा हाई हो गया और वो चिल्लाया कौन है?

Source: neatoday

असल में वो मेरा दोस्त था, जो मुंह से मोबाइल के वाइब्रेशन की आवाज़ निकाल रहा था, जिस पर सारी क्लास हंस रही थी. ये कारनामा यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि वाइब्रेशन की आवाज़ निकालने के बाद मेरा दोस्त टीचर को कहता कि, 'सर प्लीज, इस आवाज़ को बंद कराओ मैं ढंग से एग्ज़ाम नहीं लिख पा रहा.'

एग्ज़ामिनेशन सेंटर ही खरीद डाला.

कुंदन ने बताया कि कॉलेज के फ़र्स्ट ईयर के एग्ज़ाम में बच्चों ने मिल कर एग्जाम सेंटर ख़रीद लिया था. सब बच्चे मिल कर किताब खोल कर लिखने में लगे हुए थे कि तभी एक टीचर आया और फ्लाइंग स्क्वाड के आने की बात बताई. एक टीचर ने सभी बच्चों से किताबें ले कर एक बोरी में भर दी और उन्हें खिड़की से बाहर फेंक दिया, पर ग़लती से जिस जगह किताबें गिरी, उसी जगह फ्लाइंग स्क्वाड की कार खड़ी थी. आखिर में फ्लाइंग स्क्वाड ने सारे सेंटर को ही रद्द कर दिया और हमें एग्ज़ाम की तैयारी के लिए और वक़्त मिल गया.

Source: cengage

एक बार फिर मैकेनिकल के लड़कों ने दिया साथ.

मयंक कुमार अरोड़ा नाम के एक शख़्स ने कहा कि ये किस्सा उसके दोस्त का है, जो एक कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा था. एग्ज़ाम के दिनों में मैकेनिकल वालों के साथ कंप्यूटर इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स को एक के बाद एक बैठना था. क्लास में सब बच्चे आ चुके थे टीचर ने आते ही बच्चों से मोबाइल को बाहर रख देने के लिए कहा था. ये सब इतने शोर-शराबे के बीच हो रहा था कि कंप्यूटर साइंस की एक लड़की मोबाइल रखना भूल गई थी. अभी एग्ज़ाम शुरू ही हुआ था कि लड़की का फ़ोन बज उठा. टीचर ने उसे उठाया और क्लास से निकालने लगा इस पर लड़की रोने लगी और अपनी सफ़ाई देने लगी, पर टीचर अपनी ही धुन में लड़की को क्लास से बाहर निकालने में ही लगा हुआ था. मेरे दोस्त को पता था कि लड़की ने गलती से मोबाइल रख लिया है इसलिए वो खड़ा हो कर टीचर को समझाने लगा, पर टीचर उसी पर भड़कने लगा.

Source: TOI

मैकेनिकल के लड़के को धमकाता देख मैकेनिकल दूसरे स्टूडेंट्स भी खड़े हो गए और एग्ज़ाम का बॉयकट करने लगे. सभी बच्चे क्लास से बाहर निकल आये, ये देखकर टीचर भी डरने लगा और स्टूडेंट्स से एग्ज़ाम देने की अपील करने लगा, पर बच्चे तो बच्चे ठहरे. आखिर में सब मिल कर HOD के पास गए और टीचर की शिकायत की. हालांकि एग्ज़ाम में टीचर को हटा कर दूसरे टीचर को बुलाया गया और दोबारा पेपर हुए, पर उस दिन सारे कॉलेज में मैकेनिकल स्टूडेंट्स की अलग ही धाक जमने लगी और आखिर में उस लड़की ने मैकेनिकल के लड़कों को दिलेर बताया.

मदद पर भी हो गई बेज़्ज़ती.

राजेंद्र ने बताया कि 'हम सब एग्ज़ाम लिखने में मगन थे कि टीचर ने अटेंडेंस शीट पकड़ा दी, जिस पर साइन करके आगे पास करना था. मैंने भी उस पर साइन किये, पर गलती से अटेंडेंस शीट के बजाय मैंने गलती से अपनी आंसर शीट आगे पास कर दी.' जिस लड़के को मैंने आंसर शीट दी थी उसने मुझे वापिस करते हुए कहा कि 'भाई ये रख ले तेरी आंसर शीट…. तेरी शीट से चीटिंग करके फेल थोड़ी होना है.'

Source: campusreform

एग्ज़ामिनेशन हॉल में सिर्फ़ इन्होंने ही नहीं, बल्कि आपने भी कुछ ऐसी मस्तियां की होंगी, जो आज एक ख़ूबसूरत याद बन गई होगी. अपनी इस याद को कमेंट में हमारे साथ साझा करें क्या पता उसे हम दूसरों के साथ शेयर कर दें.

Source: quora