भारतीय क्रिकेट के Bad Boy नाम से फ़ेमस गौतम गंभीर के लड़ाईयों के किस्से तो हम सब ने सुने हैं. मैदान में उनका अग्रेसिव नेचर कई खिलाड़ियों ने झेला है. फिर वो पाकिस्तान के कामरान अकमल हों, या विराट कोहली. मैदान के बाहर भी गंभीर ने पूर्व कप्तान धोनी पर कई बार आरोप लगाए. लेकिन ये गंभीर के व्यतित्व का सिर्फ़ एक पहलू है, जो मीडिया ने हमें दिखाया.

Source: oneindia

देखने में शांत स्वभाव के गंभीर, असल में भी काफ़ी दरिया दिल इंसान हैं. इसका उदाहरण मिलता है इस ख़बर से. साल 1998 के एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाले Dingko Singh कैंसर से लड़ रहे हैं. ज़िंदगी और मौत की इस लड़ाई में उनका साथ न तो भारत सरकार और न ही खेल संस्था ने दिया.

Source: hindustantimes

Dingko Singh न सिर्फ़ गोल्ड मेडल जीता है, बल्कि उसी साल उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और पद्श्री अवॉर्ड से नवाज़ा जा चुका है. जैसे ही उनकी हालत के बारे में गंभीर को पता चला, उन्होंने फ़ौरन Dingko Singh की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा दिए.

Source: mid-day

Dingko Singh कैंसर का इलाज दिल्ली में करवा रहे हैं. माली हालत ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें अपने इलाज के लिए घर और जमीन दोनों बेचनी पड़ी.

Source: indianexpress

गंभीर के आगे आते ही, विजेनदर सिंह ने भी Dingko Singh की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाएं हैं. इतना ही नहीं अब खेल मंत्री विजय गोयल ने भी Dingko Singh की मदद करने का वादा किया है.

Source: wionews

गौतम गंभीर ने देश का हमेशा ही मान बढ़ाया हो, फिर वो मैदान के अंदर हो या बाहर. इस बार उनके मदद के लिए बढ़े कदम ने उन्हें हमारी नज़र में एक बार फिर हीरो बना दिया है.