हमारी दुनिया रहस्यों से भरी है. कुछ हमें पता हैं, लेकिन कई आज भी धरती के गर्भ में दफ़न हैं. ज़मीन हो या समुद्र इनकी गहराइयों में प्रकृति द्वारा कई खज़ाने छिपे हैं. जिनकी खोज में पूरी मानव सभ्यता लगी हुई है.

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पेट्रोल, सोना, हीरा या फिर मोती, इंसान को इन्हीं गहराइयों में मिले हैं. हाल ही में Geological Survey of India की टीम ने एक अनोखी धातु और खनिज पदार्थ की खोज की है. ये दोनों बहुमूल्य चीज़ें समुद्र की गहराइयों में पाई गई हैं. साल 2014 में सबसे पहले चेन्नई में इनकी की खोज की गई थी. लेकिन उस वक़्त वो काफ़ी कम मात्रा में थी. इसके मिलने के बाद Geological Survey of India ने खोज जारी करने का फ़ैसला लिया. लक्ष्यद्वीप के पास समुद्र की गहराई में खोजी दस्ते को मिट्टी का एक ढेर मिला, जिसमें उन्हें वही धातु और खनिज दोबारा काफ़ी मात्रा में मिली.

करीब तीन साल के बाद इनकी की खोज सफ़ल हो पाई है. भारत की सीमा में 1 लाख मिलियन टन ये धातु और खनिज पाई गई है. ये एक बड़ी मात्रा है. अगर ये खनिज और धातु हमारे लिए उपयोगी साबित हुई, तो देश की आर्थिक स्थिती सुधारने में काफ़ी लाभदायक साबित होगी.

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इस खोज को अंजाम देने वाली टीम के लिए ये किसी सपने की तरह है. उनका कहना है कि ये धातु इतनी मिट्टी में होने के बावजूद काफ़ी ठोस है. ऐसे में इसकी उपयोगिता काफ़ी ज़्यादा है. अगर ये ज़मीन पर भी इतनी ही ठोस रही, तो इससे हमारी कई तरह की समस्याएं दूर हो सकती हैं.

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ये धातु और खनिज हमारे देश और दुनिया के लिए किसी क्रांती से कम नहीं. इससे आने वाले वक़्त में कई तरह के प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं और अगर भारत ही इनका का घर होगा, तो आने वाले वक़्त में हम दुनिया की आर्थिक व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान बन सकते हैं.

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