स्कूल में बच्चों को उनकी गलतियों के लिए टीचर द्वारा सज़ा देना कोई गलत नहीं है, लेकिन अगर वो सज़ा उसकी जान को ख़तरे में डालने वाली हो तो, ये बहुत ही गलत है. थाईलैंड के एक स्कूल से कुछ ऐसी ही खबर आ रही है, जहां 3 साल की नर्सरी में पढ़ने वाली मासूम को चेन से बांधकर रखा गया, ये बात सुनकर ही शायद आपको गुस्सा आ रहा होगा, मगर जब आपको ये पता चलेगा कि आख़िर इस मासूम को ये सज़ा दी क्यों गई, तो आपका खून खौल जायेगा.

इस फ़ोटो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक मासूम बच्ची को चेन बांधकर धूप में खड़ा किया गया है. इस फ़ोटो को स्कूल में सामान लाने ले जाने वाले डिलीवरी ड्राईवर ने खिंचा है. ड्राईवर ने बताया कि जब वो अपनी वैन को पार्किंग में खड़ी कर रहा था, तब ही उसने स्कूल के गार्डन में एक छोटी सी मासूम बच्ची को चेन से बंधे हुए देखा, तो वो हैरान रह गया. उसने देखा की बच्ची बहुत ही बुरी हालत में थी और रो रही थी.

ड्राईवर ने ये भी बताया कि बच्ची के चेहरे पर बहुत सारी खरोंचे और चोटें भी थी. इस फ़ोटो से ये बात तो साफ़ हो ही रही है कि बच्ची को किसी बात के लिए सज़ा दी गई है. ये घटना पिछले हफ्ते थाईलैंड के बैंकाक शहर में स्थित एक स्कूल में घटित हुई थी.

ड्राईवर के अनुसार, जब उसने बच्ची से पूछा कि क्या हुआ, तुमको यहां क्यों बांधा है, तो बच्ची ने कहा कि वो कुछ नहीं बता सकती क्योंकि अगर उसने कुछ भी बोला तो उसको और बड़ी सज़ा मिलेगी.

जब इस बारे में स्कूल की टीचर से पूछा गया, तो उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा कि उसने बच्ची को चेन से बांधने की सज़ा इसलिए दी, क्योंकि उस बच्ची ने स्कूल में kid's Nap Time के दौरान सोते वक़्त बेड पर सूसू कर दी थी. इस काम के लिए उसको दोपहर 12 बजे से 3:30 तक चेन से बांधा गया था.

टीचर की ये बात सुनने और बच्ची की हालत देखने के बाद हैरान ड्राईवर ने इन फ़ोटोज़ को Facebook पर पोस्ट किया.

ये माना जा रहा है कि बच्ची की ये हालत देखने के बाद उसके पेरेंट्स ने स्कूल और टीचर के खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है और अब पुलिस इसकी कर रही है.

लेकिन मासूम बच्चों को इतनी कठोर सज़ा देने का क्या औचित्य है, वो केवल तीन साल की थी और उसको चेन से बांधना और धूप में खड़ा रखना क्या सही था?

Source: thesun