सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म जो लोगों की ज़िन्दगी बना भी सकता है और बिगाड़ भी. जी हां, हमने कई ऐसे मामले सुने हैं कि फलां-फलां शख़्स रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन गया, तो वहीं इंटरनेट के ज़रिये बड़े-बड़े फ़्रॉड भी हुए हैं लोगों के साथ. सोशल मीडिया चीज़ ही ऐसी है. ख़ैर, कई बार ऐसा होता है कि फ़ेसबुक पर किसी अंजान व्यक्ति की फ़्रैंड रिक्वेस्ट आती है और हम उसको एक्सेप्ट कर लेते हैं, बिना उसके बारे में जाने बूझे. ठीक ऐसे ही कोई आपको इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो करने की रिक्वेस्ट भेजता है और आप उसे फ़ॉलो करने लगते हैं. और यहीं से शुरू होती है फ़ोटोज़ के साथ छेड़छाड़.

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इसी तरह की शुरुआत से आकाश चौधरी नाम के एक शख़्स को लड़कियों की फ़ोटोज़ को लोड करने का एक्सेस मिल गया और उसने उनकी फ़ोटोज़ को अपने सिस्टम पर डाउनलोड करके फ़ेक प्रोफ़ाइल्स बनाये. NDTV की ख़बर के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन प्रोफ़ाइल्स के ज़रिये वो आदमियों तक पहुंचा, और उनको एक दिलचस्प चैट करने के लिए अपने मोबाइल ई-वॉलेट में पैसे भेजने के लिए मैसेजेज़ भेजे. मुंबई के एक व्यापारी ने आरोप लगाया है कि उसने उनसे 70,000 रुपये का फ़्रॉड किया है.

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NDTV की ख़बर के अनुसार, 34 वर्षीय आकाश चौधरी जो एक कॉमर्स ग्रेजुएट है, आदमियों को बेवक़ूफ़ बनाने के अलावा सोशल मीडिया पर इन फ़ेक प्रोफ़ाइल्स से अलग-अलग प्रोडक्ट्स जैसे जूते, सन-ग्लासेज़, कपड़े आदि भी बेचता था और यहां तक कि कैब सर्विस भी चला रहा था.

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी, चिन्मय बिज़वाल ने एक बयान में कहा, 'ये लड़का अपने उत्पादों के प्रमोशन के लिए 5-7 कंपनियों से कॉन्टैक्ट में था.

वो अपने लिए अच्छा काम कर रहा था, उससे कहीं ज़्यादा अच्छा जब 10 साल पहले उसको एक कॉल सेंटर में जॉब मिली थी, और उसकी फ़ैमिली भी उसके साथ बिहार से गुरुग्राम शिफ़्ट हो गई थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि उसके एक फ़ेक प्रोफ़ाइल पर उसके फ़ॉलोवर्स की संख्या 1 लाख से ज़्यादा है. पर उसको शायद ये नहीं पता कि उसकी ये सफ़लता उसके नाश का कारण बन सकती है.

ये घटना इसी साल जनवरी महीने की है, जब दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर में रहने वाली एक महिला ने इंस्टाग्राम पर अपनी फ़ोटोज़ के साथ एक फ़ेक प्रोफ़ाइल देखा, जो कुछ ब्रांड्स को प्रमोट कर रहा था. इसके बाद उसने लाजपत नगर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई. साथ ही उसने ये भी बताया कि किसी ने उसके फ़ेसबुक अकाउंट पर ये भी दावा किया कि उसको इस फ़ेक तरह के प्रोफ़ाइल्स के ज़रिये बेवक़ूफ़ बनाया गया है. महिला ने बताया कि 2017 में उसको इस तरह के फ़ेक प्रोफाइल्स के बारे में पता चला था और जब उसने अपनी फ़ोटोज़ हटाने की मांग की तो उसे और तस्वीरें देने के लिए कहा गया था, ताकि वो उसकी फ़ोटोज़ को एस्कॉर्ट सेविसेज़ के विज्ञापन की वेबसाइट्स पोस्ट कर देगा. उस समय तो महिला ने कोई एक्शन नहीं लिया, पर अब उसने पुलिस कंप्लेंट दर्ज कराई है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस ने इस शख़्स को गुरुग्राम में उस जगह से पकड़ लिया है, जहां वो और उसके पिता ने मीट प्रोडक्ट्स की एक दुकान खोली थी. पुलिस के अनुसार, शुरुआत में तो उसने इस स्कैम में किसी भी तरह की भागीदारी होने की बात से इंकार किया, लेकिन जब उसके फ़ोन, लैपटॉप और बैंक अकाउंट को चेक किया गया, तो सारी सच्चाई सामने आ गई. उसको बहुत अच्छी तरह पता है कि सोशल मीडिया पर ऑनलाइन एडवर्टाइज़िंग के ज़रिये पैसे कैसे कमाए जाते हैं.

बीते गुरूवार को आकाश चौधरी को गिरफ़्तार करने के बाद अपने बयान में मिस्टर बिजवाल ने कहा, '2016 में उसने कम समय में ज़्यादा पैसे कमाने के उदेश्य से ये फ़ेक प्रोफ़ाइल्स बनाये और फिर फ़ॉलोवर्स बढ़ाने के लिए लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट्स भेज कर और एक्सेप्ट करना शुरू किया.'

पुलिस के स्टेटमेंट में कहा गया है कि आकाश चौधरी को IPC की नौ धाराओं का उल्लंघन करने के तहत गिरफ़्तार किया गया. इसके साथ ही उस पर सूचना प्रौद्योगिकी क़ानून तोड़ने जिसमें महिलाओं को ऑनलाइन बदनाम करने, धमकी देना, प्रतिरूपण, लापरवाही और अश्लील भाषा का उपयोग करना शामिल था, के चार्ज लगाए गए हैं.

बिजवाल ने बताया कि संदिग्ध अब तक लगभग 10 से 20 आदमियों को 'दोस्ती और चैटिंग' करने का झांसा देकर उल्लू बना चुका है. हालांकि, साइबर सेल टीम अभी भी शिकायतों की जांच कर रही थी कि शायद उसने वेश्यावृत्ति से जुड़ी वेबसाइटों पर भी महिलाओं की कुछ तस्वीरें अपलोड की होंगी.