गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के बाद, एक ओर जहां स्कूल के खिलाफ़ देश भर में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं दूसरी ओर देश के तमाम माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चितिंत नज़र आ रहे हैं.

इस मौके का फ़ायदा उठाते हुए, गुरुग्राम के प्राइवेट स्कूल रेयान इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों को अपने स्कूल में दाख़िले का ऑफ़र दे रहे हैं. इतना ही नहीं, Kunskapsskolan International स्कूल के सीईओ कुनाल भादू ने प्रद्युम्न ठाकुर के पीड़ित माता-पिता से मिलकर, उनकी बेटी के एडिमशन का प्रस्ताव भी रखा है. 

इस बारे में बात करते हुए सीईओ कुनाल ने कहा, 'हमने प्रद्युम्न के माता-पिता के सामने उनकी बेटी विधि के एडमिशन का प्रस्ताव रखा है, वो भी बिना किसी प्रवेश शुल्क के, इतना ही नहीं अगर प्रद्युम्न की बहन हमारे स्कूल में दाखिला लेती है, तो 12वीं क्लास तक उसकी फ़ीस में रियायत बरती जाएगी.'

वहीं गुरुग्राम के तमाम स्कूलों को लगता है कि जल्द ही रेयान इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता रद्द हो सकती है, ऐसे में गुरुग्राम स्थित कई प्राइवेट स्कूल रेयान के छात्रों को उनके स्कूल में एडमिशन का प्रस्ताव दे रहे हैं.

वहीं बीते मंगलवार को मुंबई के कांदिवली स्थित रेयान स्कूल के बाहर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया. स्कूल की तरफ़ से अभिभावकों को मैसेज़ भेजकर, छात्रों की सुरक्षा का दावा पेश किया गया है.

प्रद्युम्न तो अब दुनिया में नहीं रहा, लेकिन उसे इंसाफ़ दिलाने के लिए देश के सारे माता-पिता एकजुट दिखाई दे रहे हैं. वहीं प्राइवेट स्कूलों द्वारा रेयान स्कूल के छात्रों के सामने एडमिशन का प्रस्ताव कितना सही है और कितना ग़लत, ये आप ख़ुद तय कर सकते हैं. वैसे हम इन स्कूल से यही कहना चाहेंगे कि अगर आप वाकई प्रद्युम्न की मौत से दुखी हैं, तो सबसे पहले एकजुट होकर मासूम को इंसाफ़ दिलाने की सोचिए न कि बच्चों के एडमिशन की. हो सकता है कि इन स्कूलों की नीयत में कोई खोट न हो, लेकिन ये वक़्त सही नहीं है.