सोशल मीडिया ने जहां कई ज़िंदगियों को सुधारा है, कई की तन्हाई दूर की है, कईओं को नयी राह, नए मौकों से अवगत करवाया है, वही सोशल मीडिया आपको एक बहुत ही अंधेरे कुऐं में भी धकेलने की ताकत रखता है.

इसका जीता-जागता सबूत हैं हामिद अंसारी. 6 साल पहले फ़ेसबुक पर हामिद की एक पाकिस्तानी लड़की से दोस्ती हुई, इसके बाद वो दोस्ती प्यार में बदल गई. हामिद को उस लड़की से इतनी मोहब्बत थी कि वो उससे मिलने पाकिस्तान तक पहुंच गया.

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किस्सा 2012 का है. हामिद को अफ़गानिस्तान से पाकिस्तान में गै़रक़ानूनी रूप से प्रवेश करने के जुर्म में गिरफ़्तार कर जेल में डाल दिया गया था. पाकिस्तानी जेल से दर्दनाक अनुभव लेकर वतन वापस लौटे हामिद ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि 'फ़ेसबुक पर किसी के प्यार में मत पड़ना. साथ ही अपने माता-पिता से भी कुछ मत छिपाओ और किसी देश में प्रवेश लेने से पहले सभी क़ानूनी प्रक्रिया का पालन करो.'

हामिद का कहना है कि मुझे देश वापसी की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी, लेकिन लोगों ने मेरा समर्थन किया. परिवार और सुषमा स्वराज जी की मदद से मेरी घर वापसी हुई. फिलहाल, 33 वर्षीय हामिद अपनी ज़िंदगी की कड़वी यादों को भुला कर आगे बढ़ना चाहते हैं और इसके लिये वो नई जॉब की तलाश के साथ-साथ, अपने जीवन पर फ़िल्म बनाने के लिये अभिनेता आमिर ख़ान को भी अप्रोच करेंगे.

पाकिस्तान की जेल में बिताये गये दिनों के बारे में बात करते हुए हामिद ने मीडिया से कहा कि 'आप किसी भी जेल में अच्छे व्यवहार की उम्मीद नहीं कर सकते. वहां मुझे इतना प्रताड़ित किया गया कि मेरा रेटिना फट गया.'

वहीं हामिद के बड़े भाई ख़ालिद अंसारी ने कहा कि इन 6 सालों में माता-पिता किसी भी शादी-ब्याह में नहीं गये और घर में रखी हुई चीज़ें ठीक उसी जगह पर हैं, जहां 6 साल पहले थी.

टेक्नोलॉजी ने जहां हमारी ज़िन्दगी को आसान बना दिया है, वहीं मानवीय संबंधों के बीच दूरी को और बढ़ा दिया है. बेहतर होगा कि आप आमने-सामने, आंखों में आंखें डाल कर प्यार करें, न कि फेसबुक पर.

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