दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती है, जिन्हें कहीं भी आने-जाने के लिए किसी की परमिशन की ज़रुरत नहीं पड़ती है. आप शायराना होने लगे इससे पहले हम आपको बता दें, यहां हम किसी हवा, पानी या कल्पना के भावों की बात नहीं करने वाले हैं. यहां बात हो रही है, भुतहा प्रेत आत्माओं की. भूतों को कहीं भी जाने के लिए किसी की परमिशन की आवश्यकता नहीं होती. उनके लिए आम इंसान और एक दबंग पुलिस वाला दोनों बराबर होते हैं.

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जिस तरह कुछ घर भूतों के वास की वजह से भुतहा बन जाते हैं, उसी तरह हमारे देश में कुछ ऐसे पुलिस स्टेशन है, जो भूतों के डेरा जमाने की वजह से भुतहा पुलिस स्टेशन बन चुके हैं. यहां जाने वाला पुलिसवाला हर पल रिश्वत के बारे में कम और ट्रांसफर के बारे में ज़्यादा सोचता है.

1. शाहपुर पुलिस स्टेशन, गोरखपुर

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यह देश के सबसे खतरनाक भुतहा पुलिस स्टेशन में से एक है. यहां पुलिस कस्टडी के दौरान अजीबोग़रीब तरीके से कई लोग काल का ग्रास बन चुके हैं. यहां सबसे बड़ा डर तो 'S' अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों को होता है. पुलिस कस्टडी के दौरान इस थाने में अब तक 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

इस थाने के निर्माण कार्य के समय छत गिर जाने से 3 मज़दूर नीचे दब कर मर गये थे. गांव वालों का मानना है कि उन लोगों की आत्माएं ही यहां भटकती है.

2. Gorai Police Station, मुम्बई

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आस-पास कोई सही जगह न मिल पाने के कारण मुम्बई पुलिस को यहां एक पुराने भूत बंगले में अपनी चौकी खोलनी पड़ी है. स्थानीय लोग इस जगह को भुतहा मानते हैं. इसका कारण इसके पास श्मशान घाट का होना बताया जाता है. यहां चार पुलिसवालों की ड्यूटी सुबह होती है और चार पुलिसवालों की रात को. रात के समय यहां की सभी लाइटों को ऑन रखा जाता है, ताकि कोई अनहोनी न हो. वैसे पुलिस विभाग वाले इसे भुतहा नहीं मानते हैं.

3. मीनापुर पुलिस स्टेशन, मुजफ्फरपुर

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इस थाने में एक अंग्रेज पुलिस वाले की आत्मा भटकती रहती है. उस अंग्रेज पुलिस अधिकारी का नाम 'Bowler Saheb' था. जो भी यहां ऑफिसर-इन-चार्ज आता है, उसके लिए ढ़ेरों मुसीबते खड़ी हो जाती हैं. जो अधिकारी यहां Bowler के केबिन में जाकर कुर्सी पर बैठ जाता है, उसके उलटे दिन शुरू हो जाते हैं. कुछ लोगों का सस्पेंशन हो जाता है, तो कुछ लोग अजीबोगरीब हरकते करने लग जाते हैं.

एक बार एक पुलिस अधिकारी की कुर्सी पर बैठते ही आंखें लाल हो गई और वो अंग्रेजी में बातें करने लगे. इस थाने में इस तरह के कई मामले घट चुके हैं.

4. वाराणसी कोतवाली थाना, वाराणसी

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वाराणसी अर्थात काशी को बाबा विश्वनाथ की नगरी कहा जाता है. महादेव ने अपनी इस नगरी की रक्षा की ज़िम्मेदारी काल भैरव को सौंप रखी है. यहां स्थित कोतवाली थाने में कोई भी उच्च अधिकारी इंस्पेक्शन को जाता है, तो उसके जीवन में अचानक से मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह काम शिव ने केवल भैरव को दे रखा है, इसलिए उनका कोप का सामना आने वाले को करना पड़ता है.

5. सिकन्दरपुर पुलिस स्टेशन, बलिया

इस थाने की इमारत के अंदर बाबा शहीद की मज़ार स्थित है. यहां के थाने में आने वाला थानाधिकारी थाने के अंदर नहीं बल्कि थाने के बाहर कुर्सी डाल कर बैठता है. लोगों का मानना है कि अंदर की जगह केवल बाबा की है, जो भी इसे शेयर करने की कोशिश करता है, उसे बाबा के क्रोध का सामना करना पड़ता है.

देश के थानों में पोस्टिंग के लिए बोलियां लगाई जाती है, लोग सिफ़ारिश से लेकर रिश्वत तक थानों में पोस्टिंग के लिए देते हैं. लेकिन देश के ये कुछ चुनिंदा ऐसे थाने है, जहां पुलिस वाले पोस्टिंग के लिए नहीं बल्कि ट्रांसफर के लिए जुगाड़ लगाते हैं. वैसे भी कोई थानेदार हो या कोई लम्बरदार, जान है तो जहान है.