हावड़ा के एक स्कूल के हेडमास्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. 44 वर्षीय सुजीत बैनर्जी ने अपने घर के पास सोमवार सुबह ख़ुदकुशी कर ली थी. सुजीत विवेकानन्द शिशु मंदिर के हेडमास्टर थे. ये स्कूल आरएसएस के द्वारा चलाया जाता है.

सुजीत के आत्महत्या करने के बाद स्थानीय निवासियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं. स्थानीय निवासी सुजीत को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले लोगों की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे थे.

सुजीत ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि स्कूल की मैनेजिंग कमिटी के लोग उन्हें परेशान कर रहे थे. सुजीत ने 19 लाख के ऑडिट फ़्रॉड का पता लगाया था, जिसके बाद से उन्हें Harass किया जा रहा था.

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सुजीत अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे. एक स्थानीय निवासी, सुबल हालुई ने बताया,

वो ग़रीब बच्चों के घर जाते और उन्हें स्वच्छता, साफ़ पानी पीना क्यों ज़रूरी है, सांप के काटने का इलाज आदि के बारे में बताते थे.

जैसे ही सुजीत के आत्महत्या की ख़बर फैली, 3000 से ज़्यादा स्थानीय निवासी जमा हो गए और गुनहगारों को सज़ा दिलाने की मांग करने लगे. भीड़ ने कुछ दुकानों में भी तोड़-फोड़ की.

स्कूल की एक शिक्षिका, ज्योत्सना सरकार ने बताया,

वो बच्चों को हिन्दुत्व के बारे में बताते और स्वामी विवेकानंद, श्री रामाकृष्ण के दिखाए मार्ग पर चलने को कहते. उन्होंने मैनेजिंग कमिटी से ये भी कहा था कि वे बच्चों को क़ुरान के पाठ भी पढ़ाएंगे.
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रिपोर्ट्स के मुताबिक सुजीत के कहने से पहले स्कूल में कोई ऑडिट नहीं हुआ था. ज्योत्सना ने बताया,

ऑडिट में 19 लाख के हेर-फेर की बात सामने आई. इसके बाद सुजीत ने मैनेजिंग कमिटी से इस हेर-फेर पर सफ़ाई मांगी. 4 नवंबर को उन्होंने इस मामले को आरएसएस नेताओं के सामने ले जाने की बात कही. उसी दिन एक शिक्षिका ने उन पर Molestation का इल्ज़ाम लगा दिया.' मैनेजिंग कमिटी के सदस्यों ने सुजीत पर त्यागपत्र देने के लिए दबाव बनाना शुरू किया और पुलिस को भी सुजीत पर उचित कार्रवाई करने के लिए कहा.

सुसाइड नोट में जिन लोगों का नाम था, सभी फ़रार है. पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासान दिया है.

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