चाइनीज़ डिशेज़ आजकल फ़ेवरेट फ़ूड में सबसे ऊपर आती हैं. बच्चे हों या बड़े सभी चाउमीन, नूडल्स, मनचूरियन और भी अलग-अलग चाइनीज़ डिशेज़ बड़े चाव से खाते हैं. इन्हें टेस्टी बनाने के लिए इसमें अजीनोमोटो (Ajinomoto) डाला जाता है, जिससे चाइनीज़ डिश का टेस्ट दोगुना हो जाता है. इसीलिए चाइनीज़ आइटम दूसरी डिशेज़ से अलग होते हैं. मगर जो अजीनोमोटो स्वाद को दोगुना करता है, क्या आप जानते हैं, वो है क्या और उसमें ऐसा क्या होता है जिससे टेस्ट इतना बेहतर हो जाता है?

know about real name of ajinomoto
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दरअसल, अजीनोमोटो एक कपंना का नाम है, जो इस नमक जैसे दिखने वाले पाउडर को बनाती है. इसका नाम मोनो सोडियम ग्लुटामेट है. इसे चाइनीज़ सॉल्ट भी कहा जाता है क्योंकि इसका स्वाद सामान्य नमक से अलग होता है और इसे चाइनीज़ डिशेज़ में ज़्यादा डाला जाता है.

Ajinomoto or MSG is a compound made from sodium and glutamic acid
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अजीनोमोटो नाम भले ही अलग सा लगता है, लेकिन इसमें जो पदार्थ होते हैं, वो भारत के ही हैं और आपके जाने-पहचाने हैं क्योंकि इसमें जो ग्लुटामिक एसिड होता है, वो टमाटर, प्याज़, मक्का, मशरूम, मछली आदि में होता है.

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आपसे कोई स्वाद के बारे पूछे तो आप कहेंगे स्वाद, ख़ट्ठा, मीठा. कड़वा और नमकीन होता है, लेकिन अजीनोमोटो का स्वाद बिल्कुल ही अलग होता है. कुछ रिपोर्ट्स केअनुसार, इसके स्वाद को उमामी नाम दिया गया है.

Ajinomoto operates in 36 countries and employs an estimated 34,504 people
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आपको बता दें, इसे शुगरकैन मोलेसीस या फिर बीट मोलेसीस में अमोनियम सॉल्ट मिलाकर बनाया जाता है. वहीं कई रिपोर्ट्स की मानें तो ये इसके फ़ायदे होने के साथ-साथ कुछ नुकसान भी सामने आए हैं, जो ये हैं

1. अजीनोमोटो का स्वाद नमक की तरह होता है इसलिए इसे हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को नहीं खान चाहिए.

2. अजीनोमोटो का ज़्यादा मात्रा में सेवन करने से आंखों की रौशनी पर असर पड़ता है. 
3. डिब्बा बंद फ़ूड में अजीनोमोटो का इस्तेमाल होता है, जिससे मोटोपा बढ़ने के आार ज़्यादा होते हैं.

The corporation's head office is located in Chūō, Tokyo.
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4. बच्चों को अजीनोमोटो का सेवन जितना हो कम करना चाहिए. 

5. दिल के मरीज़ों को अजीनोमोटो का सेवन करने से बचना चाहिए. 
6. अधिक मात्रा में अजीनोमोटो का सेवन करने से माइग्रेन की समस्या भी होने लगती है.

भले ही अजीनोमोटो के नुकसान हैं, लेकिन सही मात्रा में इसका सेवन करने से इससे होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है.