Old Photos Of Palestine And Israel: 14 मई 1948, ये वो दिन था जब दुनिया भर में यहूदी लोगों ने आज़ादी का जश्न मनाया था. वजह थी उनका अपना मुल्क़ इज़रायल वजूद में आया था. ये मौक़ा दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के तीन साल बाद आया था. पड़ोसी अरब देशों ने इज़रायल की आज़ादी स्वीकर नहीं की थी और दूसरे ही दिन पांच देशों की सेनाओं ने नए बने देश पर हमला कर दिया था. फिर भी इज़रायल जीता, मगर फ़िलिस्तीन से उसका संघर्ष आज भी जारी है. गाज़ा पट्टी से आंतकी संगठन हमास और इज़रायल के बीच युद्ध हर दिन भीषण होता जा रहा है.

हालांकि, आज हम आपको तस्वीरों के ज़रिए उस दौर में लेकर जा रहे हैं, जब इज़ारयल की स्थापना भी नहीं हुई थी. ये वो दौर था, जब इज़रायल-फ़िलिस्तीन के ज़्यादातर इलाकों पर ब्रिटिश सरकार का कब्ज़ा था.

1. नवंबर 1938 में दमिश्क गेट पर पुराने शहर यरूशलेम पर कब्ज़ा करने के बाद स्टील हेलमेट पहने ब्रिटिश सैनिक.

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2. यरूशलेम में जैतून पर्वत पर सिंतबर 1938 में मिट्टी के बर्तनों में अपने सिर पर कुओं से पानी ले जाती महिलाएं.

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3. 1938 में इज़राइल में टेगार्ट की लौह दीवार के एक हिस्से के पास एक अरब खड़ा है, जिसे सर चार्ल्स टेगार्ट ने अरबों को फिलिस्तीन से बाहर रखने के लिए बनवाया था.

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4. ब्रिटिश प्रस्तावों के खिलाफ 18 मई, 1939 को यरूशलेम में अशांति को शांत करने के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज से बचने के लिए भागते यहूदी.

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5. दुनिया के सबसे बड़े यहूदी कब्रिस्तानों में से एक, 19 जनवरी, 1939 को यरूशलेम में बेथलेहम की पहाड़ियों के हिस्से, जैतून पर्वत की ढलान पर स्थित है. यह गेथसेमेन के प्रसिद्ध बगीचे से जुड़ा हुआ है, जहां कहा जाता है कि ईसा मसीह को धोखा दिया गया था. इस पवित्र स्थान पर सैकड़ों-हजारों यहूदियों को दफनाया गया है.

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6. 19 जनवरी, 1939 को जैतून का पहाड़, जेरूसलम, जहां ईसा मसीह अक्सर प्रार्थना करते थे और ध्यान करते थे. पवित्र शहर का यह पूरा भाग बाइबिल और यीशु के जीवन की घटनाओं से भरा हुआ है.

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7. अरब और यहूदियों के बीच संघर्ष के कारण फिलिस्तीन में काफ़ी नुक़सान हुआ है. जेरूसलम का प्रसिद्ध दमिश्क गेट, 18 जनवरी, 1939 का ये नज़ारा है. ये नए शहर से पुराने क्वार्टर की ओर जाता है और दोनों गुटों द्वारा इसे रणनीतिक महत्व के रूप में माना जाता है.

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8. ‘हमारे बच्चों और हमारे माता-पिता को बचाएं!’ 16 जनवरी, 1939 को यरूशलेम, इज़रायल की सड़कों पर पुरुषों द्वारा उठाए गए ये यहूदी प्लेकार्ड कहते हैं.

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9. 9 जनवरी, 1939 को संदिग्ध अरब विद्रोहियों को यरूशलेम के पास ब्रिटिश सेना ने घेर लिया.

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10. 24 नवंबर, 1938 को यरूशलेम में फाखरी नशाशिबी अपने दो प्रमुख समर्थकों, हेब्रोन जिले के आदिवासी प्रमुखों के बीच खड़े थे.

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11. 15 नवंबर, 1945 को विश्वविद्यालय के छात्र ब्रेन गन कैरियर से लदे गधों को विश्वविद्यालय की एक इमारत से गुज़रते हुए देख रहे थे.

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12. जेरिको रोड का सीन. 27 नवंबर, 1945 को यरूशलेम में सेंट मैरी मैग्डलेन के रूसी चर्च को भी देखा जा सकता है.

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वाक़ई, तस्वीरें ना होतीं तो एक सदी पुराने इतिहास को हम कभी अपनी आंखों से देख ना पाते.

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