दिल्ली सच में महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से महफूज़ नहीं है. एक बार फिर दिल्ली में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. फुटपाथ पर रहने वाली एक किशोरी से गैंगरेप और उसके बेबस हालात की झकझोर देने वाली घटना से पूरी मानव जाति सहम गई है. दरअसल, मयूर विहार में फुटपाथ पर रहने वाली एक 15 साल की किशोरी के साथ पांच नाबालिगों द्वारा गैंगरेप करने का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है.

29 दिसंबर को गंभीर हालत में पुलिस को यह पीड़िता जब मिली, तो वह बेबसी की चादर ओढ़ तड़प रही थी. उसे अस्पताल ले जाने पर पता चला कि वो सात महीने की गर्भवती है. पुलिस ने इस संगीन मामले में दो आरोपियों को पकड़ लिया है, जिसमें से एक का नाम मिंटू बताया जा रहा है.

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गौरतलब है कि पांच नाबालिगों द्वारा रेप किये जाने के बाद पीड़िता को नाज़ुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के बाद स्थिति में सुधार होने पर उसने एक बच्ची को जन्म दिया. बताया जा रहा है कि सारे आरोपी मयूर विहार फेज़ 1 इलाके के ही हैं. पांचों आरोपियों में से अभी तीन फरार हैं. हालांकि, पुलिस उन तीनों की तलाश कर रही है.

अकसर इस तरह के यौन आपराधिक मामलों की जांच में लेट-लतीफी की आदी हो चुकी दिल्ली पुलिस ने इस संगीन मामले में फुर्ती दिखाते हुए एक जबरदस्त उदाहरण पेश किया है. पुलिस ने आनन-फानन में इस मामले में कार्यवाई की और एक मामूली सुराग से बड़ी कामयाबी हासिल की.

वरिष्ठ जांच अधिकारी के मुताबिक, हमने अपराधियों की शिनाख़्त के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी. पीड़िता की हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि उससे गहन पूछताछ की जा सके. इसलिए जब उसकी स्थिति में सुधार हुआ, तो उसने आरोपियों में से एक का नाम बताकर हमें सुराग दे दिया. पीड़िता द्वारा मिले सुराग पर आरोपी को पकड़ने के लिए हमने पांच टीम बनाईं और सभी आरोपियों को पकड़ने में जुट गये.
पुलिस ने बताया कि पीड़िता पिछले कई महीनों से मयूर विहार फेज़ 1 मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर अपना गुजर-बसर कर रही थी. पुलिस को यह किशोरी 29 दिसंबर को मेट्रो पार्किग के पास तड़पती हुई मिली थी. पीड़िता की हालत बेहद नाज़ुक थी. गौरतलब है कि पीड़िता को 29 जनवरी को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसे 3 जनवरी को होश आया.

पुलिस ने कई सेक्शन सहित Prevention of Children from Sexual Offences Act (POSCO) के तहत मामला दर्ज़ किया है. इस घटना में किसी चश्मदीद के न होने और सीसीटीवी कैमरे के फुटेज न मिलने के कारण पुलिस डोर-टू-डोर सर्च अभियान चला रही है. इस सिलसिले में पुलिस ने पांडव नगर, मयूर विहार फेज़ 1 और दौलापुरा सहित कई इलाकों में डोर-टू-डोर छानबीन की है.

पीड़िता द्वारा बताए गए नाम के आधार पर पुलिस ने उस नाम व उम्र के तकरीबन इलाके के कई लोगों से पूछताछ की. इस बीच चोरी के एक मामले में एक नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा. उसका नाम वही था, जो पीड़िता ने बताया था. पुलिस ने उससे सख़्ति से पूछताछ की तो उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर किशोरी से दुष्कर्म करने की बात कबूल की. इसके बाद पुलिस ने उसके साथी को भी पकड़ लिया. फिर दोनों की फ़ोटो पीड़िता को दिखाई गई, तो उसने भी उनकी पहचान कर ली.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पीड़िता और उसके बच्ची को अभी एक एनजीओ और पुलिस की देखरेख में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में रखा गया है. जहां पर उसकी बच्ची आईसीयू में है.

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