दुनिया में बहुत से लोग शांत और दयालु प्रवृति के होते हैं और उनकी यही ख़ासियत उन्हें भीड़ से अलग बनाती है. अकसर मुसीबत के समय में हमसे कई ऐसे लोग टकरा जाते हैं, जिनसे मिलने के बाद ऐसा लगता है मानो भगवान ने इन्हें हमारी मदद के लिए ही भेजा हो. इस तरह के लोग इतने अच्छे होते हैं कि ये मदद के समय अपना या पराया भी नहीं देखते.

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मुंबई से भी एक ऐसी अनोखी कहानी सामने आई है. दरअसल, एक महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी साझा करते हुए लिखा कि एक दिन 'मैं मुंबई ट्रेन से सफ़र कर रही थी, उसी दौरान मेरी नज़र एक ऐसी महिला पर पड़ी जो काफ़ी परेशान दिखाई दे रही थी. उसका टिकट नहीं मिल रहा था और उसके पास दूसरा टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे. वहीं टीसी ने भी उसकी परेशानी को न समझते हुए, उसे अगले स्टेशन पर उतरने के लिए कह दिया. मुझे ये सब देख कर काफ़ी बुरा लगा और मैंने महिला के टिकट के पैसे देने का फ़ैसला किया, क्योंकि अगर मैं उस महिला की जगह होती, तो शायद ऐसे ही किसी से मदद की उम्मीद करती. ट्रेन में सफ़र कर रही उस महिला ने मुझे टिकट के लिए शुक्रिया कहा.'

ख़ैर, कुछ दिनों बाद वही महिला मुझे मार्केट में मिली और वो मुझे पहचान गई थी. इसके बाद वो मुझसे पैसे वापस लेने की ज़िद कर करने लगी. अंत में बात कॉफ़ी पर समाप्त हुई और आज हम दोनों अच्छे दोस्त हैं.

महिला की ये कहानी बताती है कि ज़रा सी दया भावना किसी को भी आपका कायल बना सकती है. इससे न सिर्फ़ आपका बड़प्पन झलकता है, बल्कि ऐसा करके आप इंसानियत की मिसाल भी पेश करते हैं और हां ऐसे में कभी-कभी दो अंजान लोग दोस्त भी बन जाते हैं, जैसे कि ये दोनों बन गई. अगली बार अगर कोई परेशानी में दिखाई दे, तो मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा देना.

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