नासमझी में किसी को कोई चीज़ पसंद आ जाती है तो लंबे समय तक वो उसके प्रभाव में रहता है. अक़्ल आने के बाद उसे एहसास होता है कि वो किस बेवकूफ़ी के साथ जी रहा था. उदाहरण से समझिए- बचपन में हम शक्तिमान देखते थे, इतना पसंद था कि शक्तिमान सूट में बच्चे शादियों में भी चले जाते, तब की दुनिया में वो कूल लगता था. दूसरा उदाहरण फ़िल्म 'कुछ कुछ होता है' का लेते हैं, ऐसी फ़िल्म है जो आज रिलीज़ हो जाए तो दो दिन भी थिएटर में न रुके, लेकिन 21 साल पहले आई थी इसलिए आज क्लासिक मानी जाती है.

जिसे बचपन में रोमांस समझ कर देखा था, आज कॉमेडी लगती है. जिस हीरो से लव टिप्स ले रहे थे, आज उनको अप्लाई कर दें तो पता नहीं बंदे के ऊपर कितनी धाराएं ठुक जाएं. जो बच्चे क्यूट लग रहे थे, आज वही क्युटिये लगते हैं. रात को बैठ कर तारे गिनने वाला बच्चा आपको मिल जाए तो आप ख़ुद सोचिए, उसके साथ क्या कीजिएगा!

एक मरती हुई मां अपनी बेटी के लिए आठ चिट्ठियां लिख कर जाती है, जो बेटी को उसकी हर जन्मदिन पर एक चिट्ठी पढ़ने के मिलेगी. इसे देखने के बाद मेरी आंखों में भी आंसू आ गए थे. आंसू पोछने के बाद सोचा कि कौनसा पहचा एक साल की उम्र में पढ़ना सीख जाता है. टीना की बेटी आठ साल की उम्र तक आठ चिट्ठियां पढ़ चुकी थी. वो बेकार में बाप की शादी कराने में अपना भविष्या ख़राब कर रही थी, उसे अपने टैलेंट का इस्तेमाल समाज सेवा में करना था!

इस फ़िल्म को इसके प्यार की कहानी के लिए याद किया जाता है. वो प्यार जो हीरो को, हिरोइन के बाल से होता है, पहले टीना के बाल लंबे होते हैं तो राहुल को उससे प्यार हो जाता है, बाद में अंजली के बाल बड़े हो जाते हैं तो वो उसकी जुल्फ़ों में खो जाता है. प्यार में पड़ने के लिए भजन का गाना ज़रूरी है, जिसे टीना ने अंजली से पहले गा कर राहुल का दिल जीत लिया था.

हम एक बार जीते हैं, एक बार मरते हैं, शादी एक बार करते हैं और प्यार भी ही बार होते हैं... हीरो ने ये बोल कर हॉल में ताली बजवा ली. बाद में उसे ही दूसरी बार प्यार हुआ और दूसरी शादी कर ली, हमने फिर से ताली बजा दी.

फ़िल्म से आम इंसान को एक सबक सीखने को मिलता है. 'राहुल' की दोस्ती मतलब की होती है. अंजली की दोस्ती राहुल से हुआ करती थी, दोस्त होते हुए भी उसकी भावनाओं को नहीं समझ सका, बाद में राहुल को ख़ुद प्यार हुआ तब अंजली की बातें समझ आ गईं. बाद में राहुल की दोस्ती अमन से भी हुई थी, दोस्त होते हुए भी उसकी शादी के दिन तमाशा बना दिया और शादी टूट गई, लड़की भी गई इज़्ज़त भी गई.