भारत मने ग़ज़ब देश. ऐसा देश जहां के इंच-इंच पर कलाकारों और रंगनाथों की छाप मिल जाएगी. पजामे में नाड़ा डालने से लेकर दूसरी पार्टी के सांसद-विधायक ख़रीदने तक के जुगाड़बाज़ यहां मिलते हैं. लेकिन बाबू अब कंट्री हो गई डिजिटल. सारा ख़ेल ऑनलाइन है. शॉपिंग भी. पर वो कहते हैं न चोर चोरी से जाए लेकिन ससुरा हेराफ़ेरी न जाए. बस वैसे ही हम भी काहे अपनी कलाकारी से बाज़ आने लगे.

Source: siasat

तो गुरू हुआ यूं कि एक भाईसाहब ने Flipkart से एक ठोर सामान ऑर्डर का डाला. अब लड़का अपना आधुनिक हो गया है, मस्त डिस्काउंट देखकर ऑनलाइन सामान मंगाता है, लेकिन चक्कर यहीं तो है. लड़का आधुनिक मगर हमारे गली-मोहल्ले और उसके पते वही ‘छब्बन की बगिया के पीछे पन्नी वाली गली’ टाइप.

ऐसे में ई भाईसाहब एकदम ही यूनिक आइडिया यूज़ कर डाले हैं. Flipkart के कुरियर पते पर उन्होंने जो एड्रेस चेपा है, वो कुछ यूं है- ‘448 छठ माता मंदिर,मंदिर के सामने आते ही फ़ोन लगा लेना मैं आ जाऊंगा.’

अमा क़सम से मेरे भाई झूठ नहीं बोल रहा हूं. ख़ुद देख लो.

अब ये एड्रेस जो भी पढ़ रहा है, वो मारे हंसी के लोटपोट हुआ पड़ा. ट्विटर पर तो ये हचक के वायरल हो गया.

हालांकि, अविश्वसनीय सूत्रों से मालूम पड़ा है कि Flipkart वाले इस शख़्स को तोपों की सलामी देने के लिए ढूंढ रहे हैं लेकिन शख़्स तोप के मुंह के सामने खड़े होने से साफ़ इनकार कर रहा.