Source: NDTV

देश के वेल्लापंति का तीसरा सेमेस्टर शुरू हो चुका है, इस सेमेस्टर का सबसे इंपॉर्टेंट चैप्टर है- बिग बॉस, इसे प्रोफ़ेसर सलमान ख़ान पढ़ाते हैं.

बिग बॉस का ये 13वां सीज़न है. इसकी TRP के आगे एक भी शो नहीं टिकता. हर विकेंड में जब साक्षात सलमान ख़ान प्रति एपिसोड मुट्ठी भर करोड़ रुपये लेकर शो पर पधारते हैं, तब Big Boss की TRP नापने के लिए नंबर कम पड़ने लगते हैं. जिन्होंने समलान ख़ान की फ़िल्में देखी हैं, वो बता सकते हैं कि Big Boss जैसे 'Reality Show' में वो अपनी 'बढ़िया स्क्रिप्ट' वाली फ़िल्मों से अच्छी Performance देते हैं.

शो बिज़ वालों के लिए बिग बॉस मनरेगा की तरह है. 13 अभिनेताओं को 3 महीने का पक्का रोजगार! कंटेस्टेंट चुनने में विविधता को अपनाया जाता है. कुछ वैसे अभिनेता होते हैं जो किसी समय में ठीक-ठाक सेलिब्रिटी होते हैं, लेकिन अब लोगों को उनका नाम तक याद नहीं है. बिग बॉस वाले उनके सेलिब्रिटी के मेडल को चमका कर दोबारा से उनके गले में डाल देते हैं.

शो में कुछ ऐसे कंटेस्टेंट भी होते हैं, जो दो सीज़न के बीच के वक़्त में किसी भी वजह से चर्चे में रहे हों. इस वजह से लोग सोशल मीडिया पर वायरल हुए हर नमूने को इस उम्मीद से देखते हैं कि ये तो इस बार बिग बॉस में पक्का आने वाला है. कंटेस्टेंट का एक स्लॉट Roadies/Splitsvilla पूर्व प्रतिभागी के लिए भी आरक्षित होता है. शो में Eye Candy कोटा से एक मॉडल को भी लिया जाता है.

वैसे तो बिग बॉस एक 'Reality Show' है और हर साल ये कुछ नया लेकर आता है, फिर भी आप अंदज़ा लगा सकते हैं कि इस शो में क्या होने वाला है. शो के कुछ एपिसोड में ही दो कपल्स तैयार हो जाते हैं, एक का ब्रेकअप शो के दौरान हो जाता है, एक की कहानी अंत तक चलती है. दो गुटों का बनना तो आम बात है, हर गुट से कुछ लोग टूट कर इधर से उधर होते रहते हैं. एक व्यक्ति को शॉर्ट टेंपर बन कर चिल्लाने का रोल मिलता है, जो पूरे शो में एक-दो बार सलमान ख़ान से भी लड़ने की एक्टिंग करता है. थोड़ा कंबल के नीचे किसिंग सीन, थोड़ा सेंसर्ड मां-बहन की गाली, थोड़ी औकात की बातें, थोड़ा बाहर देख लेने की धमकी!

इस शो के हिट होने की भी थ्योरी है. डिमांड एंड सप्लाई के नियम के आधार पर ये शो चलता है. लोगों को पीठ-पीछें बात करना, उसकी बुराई करना, दो लोगों को आपस में झगड़ते देखना, निजी बातों को सुनना आदि पसंद है, ये सभी काम का मज़ा दोगुना हो जाता है जब इसे करना वाला सेलिब्रिटी हो. जनता के इस मांग को शो वाले पूरे करते हैं. आम जनता ये देख कर भी खुश और भ्रमित होते हैं कि बड़े सेलिब्रिटी भी आम इंसान जैसे लड़ते हैं, दुख की बात ये है कि आम जनता इस मुग़ालते में तब भी रहती है जब उसे पता होता है कि उन सेलिब्रिटी को ये सारे काम करने के लाखों मिलते हैं.