मैं आम नागरिक हूं... भारत की बेहद आम नागरिक... 8 घंटे की नौकरी का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर के दिन का ज़्यादातर वक़्त दफ़्तर में बिताने वाला और कभी-कभी घर जाने वाला आम नागरिक.


पिछले दिनों कई 'मित्रों' ने WhatsApp एक फ़िल्म का ट्रेलर भेजा. पता चला कि मोदी जी पर फ़िल्म बन रही है, मोदी का किरदार निभाया है विवेक ओबरॉय ने. मोदी जी के बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक की पूरी कहानी दिखाई गई है.

सोचा फ़िल्म देख आऊं. नरेंद्र मोदी के बारे में कौन नहीं जानना चाहेगा!

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फिर कुछ दिनों बाद फ़ेसबुक पर दफ़्तर के एक दोस्त ने एक और ट्रेलर शेयर किया, #NamoAgain के साथ. ट्रेलर था प्रधानमंत्री जी पर बनने वाली एक वेब सीरिज़ का.

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अब मेरे मन में हल्का-हल्का Confusion होने लगा कि क्या किया जाए.


इस कशमकश में थी ही कि आज सुबह बीजेपी के फ़ेसबुक पेज पर PM मोदी पर बनी शॉर्ट फ़िल्म आई है, ये किसी को मेट्रो में बोलते हुए सुन लिया.

फ़िल्म, वेब सीरीज़, शॉर्ट फ़िल्म और चुनाव!


10-12 घंटे की नौकरी के बीच में क्या, कब, कैसे, कहां देखूं... कुछ समझ नहीं आ रहा!

चुनाव से पहले सब देखकर ख़त्म भी करना है और देखने का समय भी नहीं है. सोच रही हूं मोदी जी पर आ रही सारी चीज़ें देखने के लिए छुट्टी ले लूं. चाय-पकौड़े के साथ आराम से घर पर पद्मासन में बैठ कर देखूं या फिर कोई और तिकड़म लगाऊं?

उफ्फ़. अति का Confusion हो रहा है. आपके विचार से मुझे क्या करना चाहिए? Please बताना हां, बॉस से छुट्टी भी मांगनी है!