‘मुझे पीने का शौक़ नहीं, पीता हूं ग़म भुलाने को…’ बेचारा कवि मासूम था, जो अज्ञानता में ये लाइन लिख बैठा. असल में तो लोग ग़म भुलाने को नहीं, बल्कि नया-नया कांड आज़माने को दारू पीते हैं. कभी ये अपने नशेड़ीपन में सड़क किनारे चबूतरे जैसा फैल जाते हैं, तो कभी बीच रोड पर ही लहरिया कर चौराहा बन जाते हैं. कुछ तो ऐसे उल्टी मारते हैं कि बड़े से बड़ा वॉटरफॉल भी इनके आगे फ़ेल हो जाए.  

आज हम आपके लिए ऐसे ही पियक्कड़ों की तस्वीरें लेकर आए हैं, जिन्हें नशिया जाने के बाद जहां मौक़ा मिला वहीं लंबलेट हो लिए.

1. कुछ लोग शराब पीकर वाक़ई कुत्ता बन जाते हैं.

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2. बेहोशी आ गई, मगर चवन्नी नहीं भूली.

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3. एक नशेड़ी पूरी दुनिया को बोझ उठा सकता है!

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4. पियक्कड़ों के साथ लोग कुछ भी करते हैं.

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5. दोस्त वही, जो आपके बेहोश होने तक साथ दे!

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6. शराब पीकर इंसान कुछ ज़्यादा सुकून में पहुंच जाता है.

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7. भगवान तुम्हारा भला करे.

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8. पहले गला गीला करो, फिर पूरी मुंडी.

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9. बीच सड़क पर ऐसे कचरा न बनो, नहीं तो कोई कचर जाएगा.

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10. नंबरी दोस्तों के साथ दारू नहीं पीनी चाहिए, नहीं तो ऐसे ही टांग दिया जाता है.

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11. कुछ लोगों के जीवन में कितना ही अंधेरा हो जाए, मगर वो दारू नहीं छोड़ते.

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12. नशेड़ियों में ग़ज़ब का लचीलापन होता है.

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12. मुंह टूट जाए चलेगा, मगर बोतल नहीं टूटनी चाहिए.

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13. ये तो दूसरों को भी उल्टी करवा देगी.

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14. ये नशा मुक्ति केंद्र है क्या?

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15. काश! पार्टी में वो आखिरी पेग न पिया होता.

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16. एक स्ट्रांग पेग पूरा थूथन हिला सकता है.

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तो भइया, इन तस्वीरों को देखकर एक बात तो पक्की समझ लो कि शराब पीना वाक़ई बहुत हानिकारक है.