कोरोना जब आया तो बहुत चौड़िया रहा था. मतलब एकदम ही रंगबाज़ी पेले पड़ा था. लेकिन ससुरे को कहां पता था कि उसका पाला पृथ्वी लोक की सबसे ख़ूंख़ार प्रजाति से पड़ा है. आ गया हम इंसानों के लपेटे में.

पूरे साल इस मासूम महामारी के साथ कलाकारी जारी रही. एक बार को कोरोना भी रो पड़ा, आत्महत्या की भीख मांगने लगा. लेकिन हम भी बोले न..न..न.. इत्ती आसानी से थोड़ी. अभी तो हम करेंगे तुम्हारा शोषण.

काहे कि एहतियात जैसी आलतू-फ़ालतू चीज़ हम मानते नहीं और वैक्सीन तो बेटा हम लाते रहे. तो बस सालभर हमने कुछ यूं कोरोना की छीछालेदर मचाई है.

1. कोरोना को मात देने के लिए किया 'गौमूत्र पार्टी' का आयोजन

कोरोना का इलाज वैक्सीन में नहीं बल्कि यूरीन में है. जी हां, अखिल भारत हिंदू महासभा ने कोरोना का 'रामबाण' उपाय निकाला था. इसके लिए बकायदा 'गौमूत्र पार्टी' का भी आयोजन कर डाला.

ख़बर तो ये भी आई कि यहां लोगों को चॉकलेट केक की जगह गोबर केक चखा दिया गया. लोग स्वस्थ हुए कि नहीं, ये तो नहीं पता, लेकिन गूखोर ज़रूर हो गए. 

2. सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गले में लटका लिया सांप

कोरोना वायरस से बचने के लिए इस शख़्स ने तो ग़ज़ब ही कर डाला. मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की लभड़-सभड़ में न पड़कर उसने गर्दन में एक अजगर डाल लिया. Salford, Greater Manchester में महाशय सांप बांधे बस पर चढ़ गए. बताया गया कि ससुरा सांप को मास्क की तरह मुंह पर लपेटे था.

3. कोरोना भगाने के लिए मंत्री जी ने लॉन्च किया 'भाभी जी पापड़'

नेता झापड़ खाते हैं ये तो पता था, लेकिन पापड़ भी खाते हैं ये कोरोना काल में मालूम पड़ा. वायरस के सौजन्य से चिल्लम-चिल्लम करने वाले नेता कुर्रम कुर्रम करने लगे. कोरोना को मात देने के लिए केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'भाभी जी' पापड़ लॉन्च कर डाला. 

बीकानेर की पापड़ बनाने वाली कंपनी का दावा था कि इस पापड़ में गिलोई और इम्युनिटी बढ़ाने की सामग्रियां हैं. हालांकि, बाद में ख़बर आई कि माननीय मंत्री जी ख़ुद कोरोना पॉज़िटिव होकर एम्स में भर्ती हो गए. बताइए, धोखा दे गईं भाई जी.

4. देश में कई जगहों पर की गई ‘कोरोना देवी’ की पूजा

देशभर के कई इलाकों से अंधविश्वास के चलते कोरोना देवी की पूजा की ख़बरें आईं. महिलाएं पूजा के दौरान कोरोना देवी के गीत भी गाती दिखीं. वो ये मान चुकी थीं कि पूजा के बाद एक हवा आएगी और वायरस को ख़त्म कर देगी. हालांकि, ये सोच झारखंड में एक महिला की मौत का कारण बन गई.

दरअसल, पलामू जिले में एक अफ़वाह फैल गई कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोरोना देवी का व्रत रखने के लिए कहा है. जो औरतें ये व्रत रखेंगी, उनके अकाउंट में पैसे डाले जाएंगे. बस फिर महिलाओं ने व्रत रख डाला, लेकिन एक महिला की तबीयत भूखे रहने से ख़राब हो गई. लोग इलाज के लिए मोदीनगर ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई.

5. भरोसा कपड़े के टुकड़े पर नहीं, ऊपर वाले पर रखो 

ये भी अच्छा है. कभी वायरस को ‘कोरोना देवी’ की नाराज़गी बताया तो कभी ‘अल्लाह मियां’ का क़हर और कुछ ने तो इसे सुन्नत से जोड़ दिया.

अब इन अक्ल’मंदों’ को ही ले लीजिए. सस्ते इंटरनेट के सहारे इन लखैरों ने जमकर सोशल मीडिया पर रायता फ़ैलाया. TikTok वीडियो में एक लड़का कोरोना के डर से हाथ मिलाने से मना करता है तो ज्ञानपेलू महाशय बोलते हैं, ‘मौत के डर से आज सुन्नत छोड़ दें और कल पूरा इस्लाम छोड़ दें. हम मुसलमान है यार, हमें मौत से डर नहीं लगता.’

इस वीडियो पर हंसे या रोएं सोच रहे हो, तो एक और होशियार को सुन लो.

इस लौंडे ने पहले बिना मास्क के वीडियो बनाकर कहा कि, ‘भरोसा कपड़े के टुकड़े पे नहीं ऊपर वाले पर रखो.’ बाद में पता चला कि भइया ख़ुद कोरोना संक्रमित हो गए हैं. रोंदड़ू होकर दोबारा वीडियो भी डाले. कहे अब हम न बना पाई TikTok वीडियो.

6. गो कोरोना गो 

मिज़ाज से शायर, पेशे से कथित जनता के उद्धारक केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के महान अविष्कार ‘गो कोरोना गो’ को कौन भूल सकता है. मतलब, पूरे साल जो मज़ा आया, भइया पूछिए मत. हालांकि, बाद में मालूम पड़ा कि कोरोना गो होने के बजाय क्राइम मास्टर गोगो बन गया. अठावले जी कोरोना संक्रमित पाए गए.

7. हमारे सोने पर कोरोना भी सो जाता है- पाक नेता

पाकिस्तान में तो कोरोना को एकदम ही एलट-बैलट समझ लिया गया. अमा हां, मतलब बिल्कुल लौंडा ही समझ रहे हैं. भारत में ‘गो कोरोना गो’ के बाद पाकिस्तान में ‘सो कोरोना सो’ चल पड़ा. पाकिस्तान के एक मौलवी कम नेता फ़ज़ल-उर-रहमान बोले, 'जितना ज़्यादा हम सोएंगे उतना ही वायरस भी सोएगा.'    

बता दें, कोरोना पर हुए इतने अत्याचारों के बाद पूरी दुनिया में उसकी हालत सीरियस बताई जा रही है. अनाम विशेषज्ञों की माने तो उसे सांस लेने में भारी तकलीफ़ है. कोविड परिवार में डर है कि उनका मासूम बच्चा नया साल नहीं मना पाएगा.