हां जी तो होली आ गई. एक बार फिर, मोहल्ले में कभी हाय-हेलो न करने वाले भी बुरा न मानो होली है बोल कर रंग लगाने आयेंगे.


एक बार फिर बेचारे स्ट्रे डॉग्स को रंगों से सराबोर किया जायेगा.

एक बार फिर पूरा घर अति गंदा होगा, और इन सब के बाद भी कहा जाएगा 'बुरा न मानो होली है.'

त्योहार है, अच्छी बात है खेलिए, मज़े करिए पर जिसे नहीं मन है उसके साथ ज़बरदस्ती करने का क्या मतलब है आज तक समझ नहीं आया.


हां तो राइटर भाव-विभोर हो चुकी थी और इसीलिए उसने रच दिए होली स्पेशल शायरियां, पढ़ो और भावनाएं समझो-

पेशकश कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में लिखना.