प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पिछले साल 22 मार्च को देशभर में ‘जनता कर्फ़्यू’ लागू हुआ था. इसके तहत लोगों को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक अपने घरों में रहने के लिए कहा गया था. साथ ही, कोरोना वॉरियर्स की सराहना करने के लिए पीएम मोदी ने लोगों से शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अपने घरों की बालकनी पर खड़े होकर ताली, थाली बजाने की अपील की थी. 

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लोग भी इस उम्मीद में शंख, डमरू, घंटी, ताली और थाली बजाते नज़र आ रहे थे कि कोरोना वायरस जल्द ही ख़त्म हो जाएगा. हालांकि, सालभर बीत गया और कोरोना आज भी चुनौती बना हुआ है. वैक्सीन आने के बावजूद एक बार फिर संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. कई राज्यों में एक बार फिर से लॉकडाउन जैसी स्थिति बन गई है. 

ऐसे में लोग सोशल मीडिया की थाली में मीम्स परोस कर तालियां पीटते नज़र आ रहे हैं. ट्विटर पर #JanataCurfew ट्रेंड हो रहा है. 

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बता दें, जनता कर्फ़्यू के व़क्त देश में कुछ 300 से ज़्यादा कोरोना संक्रमित थे. फिर भी 24 मार्च को देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन का एलान कर दिया गया था, ताकि इसे ज़्यादा फैलने से रोका जा सके. हालांकि, इसके बाद भी आज एक साल बाद देश में क़रीब 47 हज़ार नए केस देखने को मिलने लगे हैं. अब तक कुल 1.16 करोड़ से ज़्यादा लोग इस ख़तरनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं. वहीं, 1.60 लाख से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है.