अपने बचपन में जिसे पूजते थे, जिसे हमने भगवान का दर्जा दिया, जिसकी बातें हमने मां-बाप की बातों से ज़्यादा सुनी वो इंसान… माफ़ कीजिएगा, वो शक्तिमान हमारा काटता रहा.

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तब समझ नहीं थी इसलिए शक्तिमान ने साइंस फ़िक्शन के नाम पर कुछ भी दिखा दिया, बच्चा समझ कर हमारा बनाता रहा.

एक-एक कर के बात करते हैं.

1.जीवन तत्व

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कहानी में बताया गया कि शक्तिमान पांच जीवन तत्वों से मिल कर बना है. वायु, आग, जल, पृथ्वी(धरती) और आकाश… आकाश! ये आकाश होता क्या है? पृथ्वी से ऊपर की ओर देखो तो आकाश दिखता है, लेकिन वो कुछ होता नहीं है. दरअसल वो ‘स्पेस’ होता है और कोई ‘स्पेस’ से कैसे बन सकता है.

2. फ़क… फ़क… फ़क…

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बच्चों के सीरियल में घूमने के वक़्त ऐसा आवाज़ देना ज़रूरी था? ख़ैर, मेरी शिकायत आवाज़ से नहीं है. आपने देखा होगा कि कई बार शक्तिमान बिना घूमे भी उड़ता है. जब अगला सीधा-सीधा उड़ सकता है, तो घूमता क्यों है? चलो मान लिया स्पीड के लिए घूमता होगा, लेकिन स्पीड के लिए भी Clockwise घूमना चाहिए था न! Anti-Clockwise घूम कर स्पीड कैसे मिल सकती थी?

3. शक्तिमान मैं हूं, हेयर स्टाइल इधर है!

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तेजा ने मार्क लगाया था, सुरेंदर सूरी ने मूंछ लगाई थी. शक्तिमान ने गंगाधर बनने के लिए सिर्फ़ हेयरस्टाइल चेंज किया था. मतलब बालों में जेल भी नहीं लगाया, सिर्फ़ कंघी मारी और बन गया शक्तिमान.

4. टेलिपेथी

ठीक है मैं मानता हूं कि टेलिपेथी जैसी चीज़ होती है. लोग मन में बात करते हैं, लेकिन जब मन में बात कर रहे हैं तो ख़ुद उसकी कॉमेंट्री करने की क्या ज़रूरत है? अगर देखने वाले को सुनाना ही है कि वो क्या बात कर रहे हैं, तो Voice Over से सुना देते, वैसे भी हर जगह Voice Over घुसेड़े रहते हो.

5. पारदर्शी दैत्य

वैसे तो शक्तिमान के सारे विलेन फुद्दु थे, लेकिन उनमें से भी एक बड़ा वाला था जिसका नाम था पारदर्शी दैत्य. इस दैत्य की शक्ति थी कि वो दिखाई नहीं देता था. एक काम जो इसे आता था, उसमें भी वो किसी काम का नहीं था. कमबख़्त को एक आम इंसान ने रस्सी में फंसा कर उल्टा लटका दिया था.

6. पृथ्वी पर जीवन

शक्तिमान की कहानियां चैप्टर वाइज़ चलती थी, एक ख़त्म तो दूसरा शुरू. बस कुछ किरदार नहीं बदलते थे. एक कहानी में शक्तिमान समय यात्रा कर पृथ्वी के शुरुआती दिनों में पहुंचा. तब जब पृथ्वी सूरज से अलग ही हुई थी. शक्तिमान को उस जलती पृथ्वी पर भी इंसान मिल गए. ठीक उसी दिन लॉजिक ने आत्महत्या कर ली.

7. स्पेस

फिर लॉजिक का पुनर्जन्म हुआ, उसने देखा कि शक्तिमान स्पेस में पहुंचा है, वहां किसी पृथ्वी के विलेन से लड़ रहा है. लॉजिक इस बात को पचा गया कि चलो बड़े लोग हैं आम इंसान को चोट न लगे इसलिए स्पेस में जा कर लड़ते हैं. लेकिन अगले ही सीन में दोनों आपस में बात करने लगे, लेकिन स्पेस में तो बातें हो नहीं सकतीं क्योंकि वहां हवा नहीं होती. लॉजिक ने फिर ज़हर खा लिया.

8. किलविश की एसिडिटी

एक बार शक्तिमान और किलविश (वही, अंधेरा कायम रहे वाला) आमने-सामने थे. मुक़ाबला ज़ोरों का था, कभी शक्तिमान किलविश पर भारी पड़ रहा था, तो कभी किलविश शक्तिमान को पछाड़ रहा था. फिर किलविश शक्तिमान को खा गया. कैमरा किलविश के पेट में गया, वहां दिखाता है कि उसके पेट में आग लगी हुई और शक्तिमान उसमें जल रहा है. अब मुझे शक्तिमान के लिए नहीं किलविश के लिए चिंता होने लगी. पेट की जलन जानलेवा बिमारी है रे बाबा!

9. विज्ञान का स्वर्ण काल

अभी कुछ साल पहले इसरो ने मंगलयान छोड़ा तो दुनियाभर में वाह-वाही हुई, लेकिन शक्तिमान के वैज्ञानिकों को इस बात से फ़र्क नहीं पड़ने वाला था क्योंकि उन्होंने ब्रह्मांड के सभी ग्रहों पर पहले ही CCTV इंस्टॉल कर दिए थे. जिस ग्रह पर भी शक्तिमान फ़ाइट करने जाता, हमारे वैज्ञानिक वहां से लाइव टेलिकास्ट कर देते.

10. 3D प्रिंट

किड्स पेंट बनाते हैं,

एडल्ट फ़ोटोशाप करते हैं,

और शक्तिमान ख़ुद का 3D प्रिंट निकाल देता है. वो भी जीता-जागता.

इतने के बाद भी यही कहूंगा कि चाहे शक्तिमान जैसा भी था, लेकिन था तो हमारा सुपरहीरो. We Miss You Shaktimaan!