ISRO Chandryaan 2
Source: NDTV

भारत द्वारा भेजा गया चंद्रयान-2 दिन प्रतिदिन चंद्रमा के करीब पहुंचता जा रहा है. अब तक ISRO चंद्रयान-2 द्वारा भेजी गई दो तस्वीरों को जारी कर चुका है. दो तस्वीरों के देखने के बाद चांद की असलियत सामने आ गई और शायरों को उनकी ग़लत बयानी के लिए झोली भर-भर कर गालियां पड़ीं. वैसे चांद की तस्वीर अभी और साफ़ होगी जब 7 सितंबर को 'लैंडर विक्रम' चांद पर उतरेगा.

विक्रम का जो काम होगा सो वो चांद पर करेगा ही लेकिन साथ में बढ़िया कैमरा ले गया है तो अच्छी-अच्छी फ़ोटो भी भेजता रहेगा. मुझे लगता है चांद पर विक्रम की पहली मुलाकात गणेश गायतोंडे से होगी, सेक्रेड गेम्स2 में बता रहे थे कि भाउ आज कल चांद पर ही है.

ये तो हंसी-मज़ाक की बात हो गई, गंभीरतापूर्वक सोचें तो हम अंदाज़ा लगा सकते हैं कि विक्रम को चंद्रमा पर और चंद्रमा से क्या-क्या देखने को मिल सकता है. सबसे पहले तो उसे नील आर्म स्ट्रॉन्ग के जूतों के निशान ढूंढने चाहिए, ख़ुद से कंफ़र्म करना चाहिए कि अगला कभी गया भी था या अमेरिका रूस के सामने सिर्फ़ चौड़ियाने के लिए बैठे-बिठाए हमारे लिए सामान्य ज्ञान के 2 नंबर का सवाल बढ़ा दिया.

फुर्सत पाते ही विक्रम को झांक कर नीचे देखेगा कि वहां से पृथ्वी का क्या-क्या दिखता है. हर दूसरे दिन कुछ न कुछ इतना बड़ा हो जाता है, जिसके बारे में दावा कर दिया जाता है कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है. सुरक्षा के लिहाज से JIO का टावर, गाजियाबाद में पड़ा कचड़े का ढेर, सरदार पटेल की मूर्ती पर ख़ास तौर पर नज़र रखी जाएगी. चीन की दीवार तो अब नहीं दिखती होगी, इतनी पुरानी जो हो गई!

चंद्रमा पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं, कोई अच्छा सा गड्ढा ढूंढ कर उसका लोकेशन विक्रम को इसरो के साथ शेयर करेगा. पृथ्वी पर ऐसे कई एकस्ट्रा लोग हैं, जिनको अगले ट्रिप में शिफ़्ट करना पड़ेगा. लिस्ट में सबसे पहला नंबर उन पेशेवरों का आएगा जो पोथी देख कर ग्रहों की दशा-दिशा बताते हैं फिर उसे लोगों के भविष्य से जोड़ देते हैं और एक्स्ट्रा पैसे लेकर उसे बदल भी देते हैं.

उधर पाकिस्तान कह रहा है कि भारत के देखा-देखी वो भी चंद्रमा पर अपना कुछ भेजेगा. अच्छे पड़ोसी होने के नाते हमारी सलाह होगी कि पाकिस्तान चीन से मिल रहे पैसों को सही जगह लगाए, कहां चांद-वांद के चक्कर में पड़ रहा है, एक कोशिश भी बेकार गई तो भतेरे पैसे बरबाद चले जाएंगे और किसी दिन पाकिस्तान चांद तक पहुंच भी गया तो हमारे ISRO को चाहिए कि वो अपने विक्रम को ऐसी तकनीक प्रदान कर दे कि वो पाकिस्तान के रॉकेट के लैंड करते ही चांद से धक्का देकर नीचे गिरा दे. हम चांद को कश्मीर नहीं बनने देंगे.