तीन साल पुरानी बात है, भूले तो नहीं ही होगे. आज की ही तारीख़ पर रात के आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा की थी कि हज़ार-पांच सौ के नोट रद्दी के बराबर हो जाएंगे. ऐसा करने से क्या-क्या फ़ायदे होंगे सरकार को भी फ़ैसला लेने के बाद धीरे-धीरे कुछ दिनों में पता चल रहा था और वो जनता को बताते जा रही थी.

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फ़ायदा कितना हुआ इसके बारे में ठीक-ठीक तो नहीं पता लेकिन असर पूरा हुआ था, अभी भी है. 8 नवंबर की तारीख लोगों के ज़हन में नॉस्टैलजिया बनता जा रहा है. वो घंटों लाइन में लगना, पहली बार दो हज़ार के नोट को देखना, 500-1000 के नोट अलविदा कहना.

आज के दिन को याद करते हुए ट्विटर पर कई हैशटैग एक साथ ट्रेंड कर रहे हैं- #आओ_मोदी_चौराहे_पर , #DeMonetisationDisaster, #3YrsOfDeMoDisaster, #NotebandiSeMandiTak. नोटबंदी ने देश को क्या दिया वो अगले दस साल बाद शायद पता चल जाए लेकिन जोक्स तो बढ़िया-बढ़िया दिए हैं.