हम भारतीय जुगाड़ के मामले काफ़ी आगे हैं. कुछ न कुछ मिक्स-मैच करके अपना काम निकाल ही लेते हैं. फिर बात चाहें कपड़ों की हो या खाने-पीने की. जैसे तेज़ भूख लगने पर हम बासी दाल के पराठे बना सकते हैं या मेहमानों के आने पर जल्दी से चटनी के साथ आटे के पकौड़े भी परोसे देते हैं. वैसे, हमारा देसी खाना हर किसी के समझ की बात नहीं, ऐसा क्यों?

Source: BP

इसका जवाब है ये ट्टीट:

Sabrine नाम की इन महोतरमा ने हमारा फ़ेवरेट दही-चावल Try किया, लेकिन वो इसे हजम नहीं कर पाई.

फिर क्या था, ट्वीटर सेना इन पर टूट पड़ी और चला दिये अपने ट्वीट्स के तीर:

देसी... देसी... न कर ऐ छोरी रे... क्योंकि इस देसी फ़ूड की फ़ैन ये दुनिया हो रही है. वैसे अगर आपको भी कुछ कहना है, तो बात को दिल में मत रखना, कमेंट में कह देना.