रेयान इंटरनेशनल स्कूल, भोंडसी में दूसरी क्लास के छात्र प्रद्युम्न की हत्या ने जहां सभी को चौंका दिया था, वहीं उसकी हत्या के इल्ज़ाम में पकड़े गए स्कूल बस कंडक्टर, अशोक कुमार को हिरासत में लिए जाने के बाद इस केस से जुड़ी नई-नई परतें खुल रही हैं. जो कहीं न कहीं ये इशारा कर रही हैं कि ये मामला उतना साफ़ नहीं है, जितना दिख रहा था.

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अशोक कुमार को गुरुवार को हिरासत में लिया गया था और तभी से प्रद्युम्न के परिवार की तरफ़ से ये मांग की जा रही है कि इस केस की CBI जांच हो. अब अशोक कुमार की पत्नी ये दावा कर रही है कि उसके पति ने ख़ून नहीं किया है और उसने जो भी कहा, वो पुलिस के दबाव में आ कर कहा है.

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अशोक की पत्नी ममता उससे मिलने जेल गयी थी और उसी के बाद उसका ये बयान आया है. उसका कहना है कि जैसे ही वो जेल में पहुंची, अशोक उसे देख कर रोने लगा और उसके पहले शब्द यही थे कि उसने प्रद्युम्न की हत्या नहीं की. उसे हिरासत में लाकर पुलिस काफ़ी प्रताड़ना दे चुकी है, उसे दो इंजेक्शन लग चुके हैं, उसे नहीं पता ये इंजेक्शन किस लिए लगे हैं.
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अशोक की तरफ़ से केस लड़ रहे वकील का कहना है कि वो अपने मुवक्किल से मिलने गए थे और उसने उन्हें स्कूल पहुंचने, टॉयलेट यूज़ करने और वापस आने के 10 मिनट विस्तार से बताये. अशोक ये कह चुका है कि उसके वहां पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी और उसके पास कोई चाक़ू नहीं था.

यही बात उसके साथ बस चलाने वाले ड्राईवर ने कई न्यूज़ चैनल्स को दिए इंटरव्यू में भी कही थी कि बस के टूल बॉक्स में कोई चाकू नहीं रहता.

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प्रद्युम्न के परिवार को ये केस कहीं से सुलझता हुआ नहीं दिखा रहा. उसका परिवार जो सवाल पूछ रहा है, वो सवाल हम में से कईयों के मन में आया होगा. जब प्रद्युम्न पर इतना हमला हुआ, तो वो चिल्लाया ज़रूर होगा, लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है कि किसी ने उसकी आवाज़ ही नहीं सुनी. ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस की कार्यवाई अभी तक नहीं दे पायी है.

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वहीं, अशोक की गिरफ़्तारी को सही फ़ैसला बताते हुए पुलिस कमिश्नर, संदीप खिरवार का कहना है कि पुलिस की कार्यवाई सही दिशा में है और इस केस में कुछ भी छुपाया नहीं जा रहा है.

एक मासूम की जान जा चुकी है और कहीं ऐसा न हो कि गुनेहगार को बचाने के लिए किसी और निर्दोष की जान चली जाए. हम आशा करते हैं कि प्रद्युम्न को न्याय मिले और उसके हत्यारे को सज़ा.